राज्यसभा के पटल पर नागरिकता विधेयक रखे जाने पर जनता दल यूनाइटेड उसका विरोध करेगा। जदयू के महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने अगप मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। इस मौके पर जदयू महासचिव डा. ए ए खान के अलावा अगप अध्यक्ष अतुल बोरा, अगप के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महंत, पूर्व अध्यक्ष वृंदावन गोस्वामी, पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत, पूर्व सांसद बीरेंद्र कुमार वैश्य आदि अगप नेता भी मंच पर उपस्थित थे।


त्यागी ने कहा कि हम कांग्रेस से भी आग्रह करेंगे कि वह भी राज्यसभा में इस विधेयक के विरोध में मतदान करे। कांग्रेस यदि लोकसभा की ही तरह राज्यसभा से भी वाॅकआउट करती है तो यही समझा जाएगा कि वह इस विधयेक के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में कांग्रेस के एक बड़ी पार्टी होने के बाद भी वाॅकआउट करने के इस विधेयक के विरोध में मतदान करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जदयू नेताओं का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल यहां असम की बहादुर और शांतिप्रिय जनता को समर्थन करने के लिए आया है।

उन्होंने कहा कि हमने असम आंदोलन के समय भी असम की जनता के साथ खड़े होने का काम किया था। जदयू नेता ने कहा कि नागरिकता विधेयक न सिर्फ संविधान की मूल भावना के , बल्कि असम की अस्मिता के भी खिलाफ है। इस विधेयक के पारित हो जाने से असम की जनसंरचना भी प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि जदयू पहली एेसी राष्ट्रीय पार्टी है, जिसने न सिर्फ इस मसले पर प्रस्ताव पारित किया, बल्कि इसके खिलाफ संसद से सड़क तक लड़ने की भी बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि असम सहित पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विरासत को यदि बरकरार रखना है तो इस विधेयक का खारिज होना बहुत जरुरी है।