राजधानी दिल्ली के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक हिंदूराव अस्पताल (Hindurao Hospital) में एक बार फिर अव्यवस्था का मंजर है।  रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल (Resident doctors have gone on strike)  पर चले गए हैं, जिससे ओपीडी का काम (Disrupting OPD work )  बाधित है और मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।  रेजिडेंट डॉक्टरों का आरोप है कि इन्हें तीन (salary for three months as well as DA has also been stopped)  महीने से सैलरी नहीं मिली है साथ ही साथ डीए भी रोक दिया गया है। 

NDMC के इस हॉस्पिटल में हर साल इस तरह की परेशानी आती है।  पिछले साल भी सैलरी रुकने पर डॉक्टरों ने हड़ताल की थी, जिसके बाद से प्रशासन की तरफ से समस्या का समाधान करने के आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर दी थी. आश्वासन के बावजूद एक बार फिर अस्पताल प्रशासन और NDMC की तरफ से लापरवाही हो रही है। 

डॉक्टरों का कहना है कि पिछली बार भी इन्होंने आश्वासन दिया पर हमारी एक भी मांग पूरी नहीं की , लिखित में दिया था कि सैलरी पास करेंगे, मगर फिर भी सैलरी पेंडिंग करने लगे।  सातवें वेतन आयोग का एरियर भी अभी नहीं दिया।  हड़ताल की वजह से मरीजों को परेशानी न हो इसलिए अभी एमरजेंसी सर्विस पर कोई रोक नहीं लगी है, मगर ओपीडी सेवा प्रभावित हो रही है। 

डॉक्टरों का कहना है कि हड़ताल अनिश्चितकालीन है।  जब तक प्रशासन उनसे बात कर के मामले को हल नहीं करता डॉक्टर हड़ताल करते रहेंगे।  बार बार इस तरह की परेशानी की वजह से अब घर चलना भी मुश्किल हो गया है।  पैसे दूसरों से मांग कर के घर का खर्च चलाना पड़ रहा है। बार बार डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के बाद भी हिन्दूराव अस्पताल में डॉक्टरों की सैलरी समय से नहीं आती। जिसकी वजह से डॉक्टरों के साथ साथ मरीजों को भी परेशानी सामना करना पड़ता है।