भारतीय जनता पार्टी के तपिर गाओ ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि चीन के साथ 1962 में हुई लड़ाई की रिपोर्ट सदन के पटल के समक्ष रखी जानी चाहिए।


गाओ ने यहाँ शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुये कहा कि देश ने अब तक चार बड़ी लड़ाइयाँ लड़ी हैं-चीन के साथ 1962 की लड़ाई और पाकिस्तान के साथ 1965 की लड़ाई, 1971 की लड़ाई और करगिल युद्ध।


सन् 1962 की लड़ाई के 58 साल बाद भी अब तक इसकी रिपोर्ट संसद में नहीं रखी गयी है। उन्होंने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल टी.बी. हेंडरसन ब्रूक्स और ब्रिगेडियर प्रेमिन्द्र सिंह भगत ने इस युद्ध पर एक रिपोर्ट तैयार की थी। इस रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखा जाना चाहिए।


गाओ ने कहा कि 1962 की लड़ाई में हमारी सेना में कोई कमी नहीं थी। भारत युद्ध में कैसे हारा, इससे हमें सबक सीखना चाहिए। रिपोर्ट सदन में रखे जाने से उस युद्ध में शहीद सैनिकों के परिवारों को भी शुकून मिलेगा। यह आने वाली पीढ़ी के लिए भी जानने का विषय है।