राज्यपाल प्रोफेसर जगदीश मुखी ने कहा है कि असम आतंकवाद से मुक्त होने की राह पर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के आतंकवाद मुक्त असम का वादा जल्द ही साकार होने जा रहा है।

राज्यपाल ने शनिवार को अपने 76वें जन्मदिन पर हाजो के हयग्रीव माधव मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि असम को आतंकवाद से पूर्णत: मुक्त कराने के लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है।

स्थानीय संवाददाताओं ने जब अल्फा-आई में राज्य के युवाओं के शामिल होने तथा संगठन की ताजा हिंसक गतिविधियों की ओर राज्यपाल मुखी का ध्यान दिलाया तो उन्होंने कहा कि इस आतंकी संगठन की ताजा गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मुखी ने कहा कि अल्फा-आई के हालिए हमलों एवं संगठन के प्रति युवाओं के कथित रुझान से जिस तरह की आशंका जताई जा रही है, उसे लेकर चिंता की कोई बात नहीं है।

राज्यपाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि उग्रवाद पर करारा चोट किया जाएगा, जिससे राज्य में पूर्ण शांति बहाल हो सके। उन्होंने कहा कि अल्फा-आई की गतिविधियों पर कड़ाई से नकेल डालेंगे। उधर शोणितपुर में एक चुनाव प्रचार सभा को संबोधित करते हुए गृह विभाग का भी जिम्मा संभाल रहे मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने भी कहा कि अल्फा-आई की गतिविधियों के विरूद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।

इस बीच नगांव पुलिस ने पिछले दिनों नेहरुबालि और भोटाइगांव में अल्फा-आई का झंडा फहराने की घटना की पड़ताल के बाद संगठन के दो लिंकमैन को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों पूर्व अल्फाई रहे हैं, जिनकी शिनाख्त नरेन गोहाईं उर्फ बाबा असम और भास्कर बोरा उर्फ अम्लान असम के रुप में की गई है।

नगांव पुलिस अधीक्षक के अनुसार ये दोनों सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक, व्हाट्सएप,  ट्विटर आदि के जरिए राज्य के युवाओं को अल्फा में शामिल कराने के कार्य को अंजाम देते आ रहे थे। पुलिस दोनों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है तथा उनसे कई महत्वपूर्ण तथ्य मिलने की उम्मीद जताई गई है।