कवरत्ती पुलिस ने लक्षद्वीप की प्रमुख फिल्म हस्ती आयशा सुल्ताना को 20 जून को एक मलयालम टीवी चैनल पर द्वीप पर कोविड के प्रसार के बारे में की गई अपनी टिप्पणी के संबंध में पेश होने के लिए नोटिस दिया था। इसके बाद उन्होंने केरल हाई कोर्ट में सोमवार को अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी।

अपनी याचिका में, आयशा ने कहा कि वह अग्रिम जमानत की मांग कर रही है क्योंकि उन्हें डर है कि अगर वह कवरत्ती पुलिस के सामने पेश होती है तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उनकी याचिका में कहा गया है, मुझे नहीं लगता कि मैंने देशद्रोह के आरोपों के तहत कोई गलत काम किया है। मैंने टीवी चैनल की चर्चा में हिस्सा लिया और बाद में मैंने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी। सब इंस्पेक्टर अमीर बिन मोहम्मद द्वारा सुल्ताना को दिए गए नोटिस में सीआरपीसी के 124 ए और 153 बी के तहत आरोप हैं, जो दोनों गैर जमानती अपराध हैं।

लक्षद्वीप के भाजपा इकाई के अध्यक्ष अब्दुल खादर ने 7 जून को टीवी चैनल की बहस के बाद आयशा के खिलाफ राष्ट्र विरोधी होने की शिकायत दर्ज की थी। खादर की इस कार्रवाई के बाद द्वीप के कई भाजपा नेताओं और कार्यकताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सुल्ताना लक्षद्वीप के चेलथ द्वीप की रहने वाली हैं और यहीं रहती हैं। वह एक मॉडल होने के अलावा, मलयालम में कई फिल्मों में भी काम कर चुकी है।