दिल्ली में आयोजित हुए तबलीगी जमात कार्यक्रम के बाद  पूरे देश में तहलका मच गया है। जिसके चलते सरकार की भी परेशानिया बढ़ गई है। हैरान करने वाली बात ये हैं कि कोरोना के कहर बावजूद भी इस तरह की बैठक की गई। बता दें कि इसमें शामिल हुए लोगों में से 24 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। वहीं केंद्र सरकार जमात में शामिल हुए विदेशी नागरिकों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। 

पुलिस सूत्रों ने ये खुलासा भी किया है कि जमात से छह विदेशी इस्लाम का प्रचार-प्रसार करने लखनऊ गए थे। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि हमें सही तरीके से नहीं पता है कि वहां कुल कितने लोग मौजूद थे। यह आकलन है कि 1500-1700 लोग इस भवन में थे और अब तक 1033 लोग यहां से निकाले जा चुके हैं। 334 लोगों को अस्पतालों में भेजा जा चुका है और 700 को क्वारंटीन सेंटर में भेजा गया है। और अभी तक इनमें से सात लोगों की मौत भी हो चुकी है।

दिल्ली पुलिस से खबर आई है कि  निजामुद्दीन मरकज से छह विदेशी नागरिक लखनऊ के अमीनाबाद के मरकज में इस्लाम का प्रचार-प्रसार करने आए थे और ये सभी कजकानिस्तान के हैं। निजामुद्दीन मामले में दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर बैठक के बाद मुकदमे का फैसला लिया जाएगा। पुलिस इनके बारे में सूचना न देने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी करेगी।