यूपी में धर्मांतरण रैकेट के खुलासे के बीच एक और बड़ा खुलासा हुआ है। यह मामला नोएडा का है जहां एक महिला ने अपने गुमशुदा बेटे के धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया है। महिला ने बताया कि 2018 में उसका बेटा घर छोड़कर भाग गया था। उस वक्त उसकी उम्र 17 वर्ष थी। बाद में ट्रू कॉलर ऐप से उसका नाम बदलने की बात सामने आई। परिवार ने बेटे के कैराना में होने का अंदेशा जताया है। वहीं पुलिस युवक की छानबीन में जुटी है।

दर्श सक्सेना नाम के युवक की मां ने कहा कि 2018 में लापता होने के बाद उसका धर्म परिवर्तन हो गया है। उन्होंने कहा, 'ट्रूकॉलर ऐप में उसके नंबर पर रेहान नाम लिखकर आ रहा है। इससे पहले हमने धार्मिक आसमंजस्य से बचने के लिए गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हम उसकी सलामती जानना चाहते हैं।'

इस मामले में एसीपी-1 (सेंट्रल नोएडा) अब्दुल कादिर ने बताया, 'वह तब 17 साल का था। 2018 में फेज 2 पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच में हमें फेसबुक अकाउंट में उसका नाम मोहम्मद रेहान अंसारी मिला है। यह आईडी अब डीऐक्टिवेट है। हम उसकी छानबीन कर रहे हैं।'

महिला के मुताबिक बेटे के फेसबुक मैसेंजर से एक धर्म विशेष की युवती से नजदीकियां होने की बात सामने आई। इसके बाद उसके नंबर पर कॉल किया तो बदला हुआ नाम लिखकर आ रहा है। महिला ने पुलिस को यह भी बताया है कि मैसेंजर चैट से यह भी पता चला है कि वह पाकिस्तानी लोगों के संपर्क में था।

पहले उसके बैग में इस्लाम धर्म की किताबें और टोपी भी मिली थी। वह कैराना में है ऐसी सूचना मिली है। फेज-2 थाना प्रभारी सुजीत उपाध्याय ने बताया कि छात्र के गुमशुदगी का केस 2018 में दर्ज हुआ था। महिला से कहा गया है कि पुलिस उनके बेटे की तलाश करने में मदद करेगी।

उधर, धर्मांतरण मामले में नोएडा डेफ सोसायटी भी सवालों के घेरे में है। पुलिस ने बताया कि यहां के कई मूक बधिर बच्चों का आरोपियों ने जबरन धर्मांतरण कराया। सोसायटी पर उठ रहे सवालों के बीच फाउंडर रूपा रोका ने सफाई पेश की। उन्होंने कहा, 'पिछले 2-3 दिन की घटनाओं ने हमें चिंतित कर दिया है। हमारे नि: स्वार्थ कार्य पर सवाल उठ रहे हैं। हम एटीएस के साथ सहयोग कर रहे हैं और सभी छात्रों की डिटेल्स हमने उन्हें उपलब्ध कराई है।'

रूपा रोका ने कहा, 'अगर इस तरह के आरोप हमारे (बधिर स्कूल) ऊपर लगाए जाते हैं तो कोई भी सोसायटी की सेवा नहीं करना चाहेगा। मैं लोगों से आग्रह करती हूं कि हमें बदनाम करने वाली खबरें पर ध्यान न दें और सच्चाई सामने आने का इंतजार करें।'

धर्मांतरण रैकेट में गिरफ्तार मौलाना उमर गौतम का एक विडियो एटीएस को मिला है। इसमें वह इस्लाम कबूल करने के लिए भाषण देने के साथ कह रहा है कि 18 बार इंग्लैंड व 4 बार अमेरिका, अफ्रीका सहित कई अन्य देशों में गया है। गोरखपुर के एक व्यक्ति का धर्मांतरण कराने की बात भी इस विडियो में वह साफ तौर पर कह रहा है। फिलहाल एटीएस इस विडियो की जांच कर रही है।

एटीएस की जांच में सामने आया है कि इस रैकेट ने अब तक 1 हजार लोगों का धर्मांतरण करवाया। इसमें करीब 122 यूपी से हैं। नोएडा की डेफ सोसायटी से पढ़े छात्रों की संख्या 18 है, जिनका धर्मांतरण करवाया गया। धर्मांतरण के बाद छात्रों को कहां ले जाया गया या रखा गया। यह लोकेशन भी एटीएस पता कर रही है। इसके लिए छात्रों के पैरेंट्स से संपर्क किया जा रहा है।