गुवाहाटी । असमिया फिल्मों के प्रदर्शन को लेकर राज्य के सिनेमाघरों के मालिकों द्वारा दिखाए जा रहे कथित भेदभाव को लेकर सत्तापक्ष  तथा विपक्ष के विधायकों को  एकजुट होते देखा गया ।  विधानसभा में आज सभी विधायकों ने एक स्वर में कहा कि असम के सिनेमाघरों में असमिया सिनेमा के प्रदर्शन को अनिवार्य करने के लिए सरकार को एक नई नीति लागू करनी चाहिए । 

इसी बहाने चर्चित गायक जुबिन गर्ग  की नई असमिया फिल्म मिशन चाइना  की जबर्दस्त गूंज विधानसभा में सुनाई दी जिसका प्रदर्शन शुक्रवार से गुवाहाटी सहित राज्य के विभिन्न सिनेमाघरों में होने जा रहा है ।

मानसून सत्र के आज चौथे दिन सदन के शून्यकाल में भाजपा विधायक तथा फिल्म अभिनेत्री आंगुरलता डेका और अगप विधायक गुणींद्रनाथ दास ने जुबिन गर्ग के मिशन चाइना नामक नई फिल्म के खिलाफ सिनेमा मालिकों की कथित साजिश का मुद्दा उठाया । विधायक आंगुरलता ने कहा कि पिछले दिनों मिशन चाइना के प्रिमियर शो करने से सेंट्रल माल स्थित सिनेपोलिश ने मना कर दिया ।

 इसके कारण सिनेपोलिश भी मिशन चाइना  के निर्माता के बीच तू-तू-मैं -मैं  हो गई। आंगुरलता ने आरोप लगाया कि बाहरी राज्यों  से असम में आकर व्यापार करने वाले असम की कला-संस्कृति का ही सम्मान नहीं करते हैं। इसे कतई सहन नहीं किया जा पकता है । बाहरी व्यवसायी  जो यंहा मल्टिप्लेक्स खोल व्यवसाय कर रहे हैं का रिमोट दिल्ली व मुंबई में रहता है । 

इस कारण ये सिनेमाघर मालिक असमिया सिनेमा चलाने के बजाए बड़े  बजट की हिंदी किलों चलाने के उत्सुक होते हैं । असमिया फिल्मजगत के लिए यह चिंतनीय विषय है । बाद में सांस्कृतिक मामलों के मंत्री नव कुमार दलै  ने सिनेपोलिस और मिशन चाइना के निर्माता के बीच हुए घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि संबंधित हाल मालिक और वितरक निर्माता , के बीच आपसी मनमुटाव के कास्था यह स्थिति पैदा हुई।