चमोली. इस वर्ष उत्तराखंड में जारी चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं, हालांकि इसके साथ ही पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार तीर्थयात्रियों की मौत में भी रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिल रही है. जानकारी के अनुसार इस साल अब चार धामों में दर्शन के करीब 12 लाख 83 हजार श्रद्धालु पहुंच चुके हैं. वहीं इस यात्रा के दौरान मृतकों की संख्या 106 तक जा पहुंची है.

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चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सबसे अधिक भीड़ केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में देखी जा रही है. यहां बद्रीनाथ धाम में अब तक जहां 4 लाख 28 हजार तीर्थयात्री दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं. वहीं केदारनाथ धाम में 4 लाख 22 हजार तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए. इसके अलावा गंगोत्री धाम में 2 लाख 38 हजार तीर्थयात्री, जबकि यमुनोत्री धाम में 1 लाख 77 हजार तीर्थयात्री आए. वहीं सिखों के पवित्र स्थल हेमकुंड साहिब में अब कर 16 हजार श्रद्धालु पहुंच चुके हैं.

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वहीं इस तीर्थयात्रा के दौरान मृतकों की संख्या बढ़कर 106 जा पहुंची है. इनमें से 78 पुरुष और 28 महिलाएं शामिल हैं. मृतकों में सबसे अधिक केदारनाथ में 50 यात्रियों की मौत हो चुकी है. वहीं इसके अलावा बद्रीनाथ मं 21, यमुनोत्री में 28 और गंगोत्री धाम में 7 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है.

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दरअसल उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित चार धाम- बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के रास्ते में ह्रदय संबंधी समस्याओं के कारण श्रद्धालुओं की मौत की घटनाएं हर साल होती हैं, लेकिन इस बार यह संख्या कहीं ज्यादा है. पिछले सालों के आंकड़ों से साफ है कि वर्ष 2019 में 90 से ज्यादा, वर्ष 2018 में 102, वर्ष 2017 में 112 चारधाम तीर्थयात्रियों की मृत्यु हुई थी.

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गौरतलब है कि ये आंकड़े अप्रैल-मई में यात्रा शुरू होने से लेकर अक्टूबर-नवंबर में उसके बंद होने तक यानी छह माह की अवधि के हैं. अक्षय तृतीया पर तीन मई को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हुई थी, जबकि केदारनाथ के कपाट छह मई को और बदरीनाथ के कपाट आठ मई को खुले थे.