7 अगस्त को तृणमूल कांग्रेस के 6 विधायक भाजपा में शामिल हुए थे। इन विधायकों को अभी तक भाजपा विधायक के रूप में मान्यता नहीं मिली है। भाजपा के नेताओं ने बुधवार को त्रिपुरा विधानसभा के अध्यक्ष से अनुरोध किया कि इन विधायकों को भाजपा विधायकों के रूप में मान्यता प्रदान की जाए। त्रिपुरा विधानसभा के अध्यक्ष रामेन्द्र चंद्र देबनाथ ने कहा, मुझे त्रिपुरा भाजपा के अध्यक्ष बिप्लब कुमार देब ने पत्र लिखा है। जिसमें 6 विधायकों को भाजपा सदस्य के रूप में मान्यता प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।
इसके जवाब में मैंने स्टेट बीजेपी अध्यक्ष को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि सभी 6 विधायक यह कहते हुए व्यक्तिगत रूप से या सामूहिक रूप से पत्र सौंपे  कि उन्होंने अपनी निष्ठा तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में शिफ्ट कर दी है। सभी 6 विधायकों से पत्र मिलने के बाद मैं उन्हें मीटिंग के लिए बुलाऊंगा और इस संबंध में जरूरी प्रक्रिया शुरू करूंगा। देब ने विधानसभा अध्यक्ष से दिबा चंद्र को भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया है। दिबा चंद्र उन 6 विधायकों में शामिल है जो तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए थे। सुदीप रॉय बर्मन के नेतृत्व में पांच विधायक,आशीष कुमार साहा, दिबा चंद्र, बिश्व बंधु सेन, प्रांजित सिंह रॉय और दिलीप सरकार तृणमूल कांग्रेस के सैंकड़ों पूर्व नेताओं के साथ 7 अगस्त को भाजपा में शामिल हुए थे। विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक 6 विधायकों को अभी भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के विधायक के रूप में मान्यता प्राप्त है। वरिष्ठ आदिवासी नेता दिबा चंद्र ने कहा कि जब स्पीकर उन्हें भाजपा के विधायक दल के नेता के रूप में मान्यता प्रदान करेंगे तब पार्टी 60 सदस्यीय विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल हो जाएगी।
60 सदस्यीय विधानसभा में सीपीएम के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट के 51 और कांग्रेस के तीन सदस्य हैं। त्रिपुरा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष दिबा चंद्र ने कहा कि हमें विश्वास है कि स्पीकर जल्द ही औपचारिकाएं पूरी कर लेगे। तृणमूल कांग्रेस के ये 6 विधायक  पिछले साल जून में कांग्रेस से इस्तीफा देकर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। 2016 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने लेफ्ट से गठबंधन किया था। इसके विरोध में ये 6 विधायक कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। इन विधायकों के साथ कांग्रेस विधायक रतनलाल नाथ ने 17 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के पक्ष में मतदान किया था।
एक भाजपा नेता ने कहा, हिमंता बिस्वा सरमा, पूर्व कांग्रेसी मंत्री जो असम में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे, अब भाजपा के नेतृत्व वाले नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलांयस के संयोजक हैं, ने तृणमूल कांग्रेस के विधायकों की भाजपा में एंट्री में मदद की थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक रतनलाल नाथ जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे। कांग्रेस पहले ही रतन लाल नाथ को कारण बताओ नोटिस जारी कर चुकी है। उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों और अमित शाह सहित भाजपा नेताओं से मिलने के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि रतन लाल नाथ भाजपा में शामिल होने संबंधी सवालों से बच रहे हैं जबकि वह भाजपा के स्टेट व सेंट्रल लीडर्स से मुलाकात कर चुके हैं। त्रिपुरा में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव है।