भाजपा से निष्कासित और उत्तराखंड मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए गए हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) अब कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के लिए तैयार हैं। हालांकि इस बीच उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेसी नेता हरीश रावत (Harish Rawat) ने अजीब शर्त रख दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी निष्कासित भाजपा मंत्री को स्वीकार करने के लिए तैयार है, यदि वह स्वीकार करते हैं कि कांग्रेस पार्टी छोडऩा एक गलती थी। हरक रावत (Harak Singh Rawat) ने पुष्टि की कि वह कांग्रेस में शामिल होंगे और उनकी जीत के लिए निस्वार्थ भाव से काम करेंगे।

दरअसल उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया था। जिसके बाद बीजेपी ने भी 6 साल के लिए उनकी पार्टी से प्राथमिक सदस्यता खत्म कर दी। अब हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) के जल्दी वापस कांग्रेस में लौटने के कयास लगाए जा रहे हैं। सोमवार को हरक सिंह रावत दिल्ली में हैं। बता दें कि हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) ने सोमवार को जल्दबाजी के फैसले के लिए भाजपा की निंदा करते हुए आंसू बहाए थे। हरक रावत ने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व ने निष्कासन से पहले एक बार भी उनसे बात नहीं की। उन्होंने कहा, इतना बड़ा फैसला लेने से पहले उन्होंने (भाजपा) मुझसे एक बार भी बात नहीं की। 

राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी योजनाओं के बारे में बोलते हुए हरक रावत नेे विश्वास जताया कि पार्टी उत्तराखंड (uttarakhand assembly elections) में अगली सरकार बनाएगी। भाजपा विधायक ने 2017 में सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली पार्टी से निष्ठा बदल ली थी और राज्य सरकार में मंत्री बनने के लिए कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से रावत और भाजपा के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। वह रविवार को भाजपा की कोर-कमेटी की बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे, जिससे बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह कांग्रेस में जाने पर विचार कर सकते हैं। बाद में रावत को राज्य मंत्रिमंडल से हटा दिया गया और भाजपा ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। उन्होंने पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में वन और पर्यावरण विभाग संभाला। सूत्रों के मुताबिक हरक सिंह रावत कांग्रेस के संपर्क में हैं और बीजेपी के दो अन्य विधायकों के साथ उनके दोबारा शामिल होने को लेकर बातचीत चल रही है। उत्तराखंड में 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए एक चरण में 14 फरवरी को मतदान होगा और परिणाम 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे।