गत दिनों रोमियो लिंग्दोह नामक एक शख्स को गोली मारने के बाद प्रतिबंधित विद्रोही गुट हिन्नीएवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल एक बार फिर से चर्चा में है। फिलहाल राज्य के गृहमंत्री जेम्स संगमा ने कहा कि यदि एचएनएलसी हथियार का रास्ता त्याग देगा तो सरकार बातचीत के लिए तैयार है। मालूम हो कि रोमियो लिंग्दोह की हत्या के बाद प्रतिबंधित एचएनएलसी गुट ने अब गैर-जनजातियों को मारने की धमकी दी है। गुट का कहना है कि उनके परिवार के सदस्यों को पेरशान न किया जाए।

बहरहाल पत्रकारों से बात करते हुए जेम्स संगमा ने कहा कि सरकार हमेशा इस बात पर कायम रहती है कि यदि कोई भी विद्रोही गुट हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटना चाहे तो सरकार बातचीत के लिए पीछे नहीं हटेगी। उनका मानना है कि किसी भी मुद्दे का हल बातचीत के माध्यम से ही किया जा सकता है। उन्होंने रोमियो लिंग्दोह की हालिया हत्या को भी एक अलग घटना करार दिया और कहा कि इस मामले की पहले जांच की जानी चाहिए। तथ्यों का पता लगाया जाना चाहिए। सालों से एचएनएलसी राज्य सरकार के साथ बातचीत करने की पेशकश करता आया है, लेकिन अचानक पुनः हथियार उठा लेने से गतिरोध पैदा हो गया है।


इस बीच जब एक अन्य विद्रोही गुट जीएनएलए के पुनरुत्थान या पुनर्संरचना के अवसरों के बारे में पूछा गया तो गृहमंत्री ने कहा कि किसी को भी ऐसी चीजों के बारे में अनुमान नहीं लगाना चाहिए। पुलिस विभाग अपना काम कर रही है और मामले को लेकर बहुत सतर्क है। पुलिस ने पिछले साल जीएनएलए के प्रमुख सोहन डी शीरा को गोली मारने के बाद जीएनएलए को बेअसर कर दिया था। सोहन डी शीरा के मरने के बाद गुट का असर कम हुआ है। आलम यह है कि उसके कई वरिष्ठ कट्टर कैडरों ने भी आत्मसमर्पण कर दिया है। हालांकि ऐसी अटकलें हैं कि कुछ पूर्व कैडर पुनः ग्रुपिंग करने का प्रयास कर रहे हैं। किंतु हकीकत क्या है यह जांच का विषय है। पुलिस अपना काम बखूबी से कर रही है।