पश्चिम त्रिपुरा लोकसभा सीट के 131 मतदान केन्द्रों पर फिर से मतदान कराया जाएगा। विपक्षी दल इस सीट पर दोबारा मतदान करने की मांग कर रहे थे। चुनाव आयोग ने 131 मतदान केन्द्रों पर ही फिर से मतदान कराने की अनुमति दी हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने इन 131 मतदान केन्द्रों पर फिर से मतदान कराने की तारीख का निर्णय अभी नहीं लिया हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्रालय से जारी हुआ एक फ़ैक्स संदेश की कॉपी सोश्ल मीडिया पर प्रसारित हो रही हैं। लोगों ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से इस मामले में संपर्क किया तो बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय को इसके बारे में सूचित कर दिया गया हैं। चुनाव आयोग से प्राप्त निर्देश के आधार पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने इस सीट के 131 मतदान केन्द्रों पर फिर से मतदान कराने के लिए आवश्यक सुरक्षा तैयारियां करने का निर्णय लिया हैं। मंत्रालय के अधिकारियों ने इस निर्णय की एक-एक कॉपी त्रिपुरा के मुख्य सचिव, डीजीपी और गृह सचिव को फ़ैक्स के द्वारा भेज दिया गया हैं। गृह मंत्रालय ने राज्य की पश्चिम लोकसभा सीट के 131 मतदान केन्द्रों पर फिर से मतदान कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी तैयारियां करने का निर्देश दे दिया हैं। मतदान की तारीख का जल्द ही ऐलान कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग ने बीएसएफ़ की 11 टुकड़िया और असम से सीआरपीएफ़ की 4 टुकड़िया तैनात करने की अनुमति दे दी हैं। बीएसएफ़ और सीआरपीएफ़ के क्षेत्रीय कमांड अधिकारियों ने गृह मंत्रालय से इन टुकड़ियों को त्रिपुरा में भेजने से संबन्धित आदेश मिलने की पुष्टि की हैं। हालांकि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने चुनाव आयोग से इस प्रकार की किसी भी सूचना प्राप्त होने से इनकार किया हैं।

इस सीट पर लोकसभा चुनावों के प्रथम चरण में 11 अप्रैल को 81 फीसदी से अधिक मतदान हुआ था। हालांकि इस सीट पर मतदान के दिन से ही विपक्षी दलों ने व्यापक पैमाने पर, विपक्षी पार्टियों के समर्थकों को मतदान केन्द्रों पर जाने से रोका जाना, फर्जी मतदान, बूथ अपहरण और ईएमवी में गड़बड़ियों की शिकायतों के आधार पर इस सीट पर फिर से मतदान कराने की मांग कर रहे थे। कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमण्डल ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाक़ात की थी। 30 अप्रैल को सीपीआईएम के नेता सीताराम येचूरी के नेतृत्व में त्रिपुरा-पश्चिम लोकसभा सदस्य और प्रत्याशी शंकर प्रसाद दत्ता और त्रिपुरा-पूर्व लोकसभा सीट से सीपीआईएम के उम्मीदवार शकर राय चौधरी ने इस मामले में नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से मुलाक़ात की थी।

सीपीआईएम ने 11 अप्रैल को हुये मतदान में बड़े पैमाने पर गड़बड़िया होने की कोई सैकड़ों शिकायते की थी। पार्टी प्रत्याशी ने दावा किया की पार्टी के 50 फीसदी समर्थकों को मतदान केन्द्रों पर जाने नही दिया गया। राज्य के विपक्षी दलों ने एक संयुक्त बयान देते हुये बताया कि अगर चुनाव आयोग त्रिपुरा-पश्चिम सीट पर फिर से ताजा मतदान नहीं कराता हैं तो हम सर्वोच्च न्यायालय में जाएंगे। 11 अप्रैल के मतदान के बाद से राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी सीपीआईएम ने 846 और कांग्रेस 155 मतदान केन्द्रों पर फिर से मतदान कराने की मांग कर रही थी। लेकिन पिछले सप्ताह से दोनों दल सम्पूर्ण सीट पर ही ताज़ा मतदान कराने की मांग कर रही हैं।