RBI के ऐलान का Covishield बनाने वाली Serum को तुरंत फायदा मिलने जा रहा है क्योंकि अब उसें BoB 500 करोड़ रुपये देने जा रहा है। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने ऐलान किया है ​कि कोविड से निपटने के लिए जरूरी हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए बैंक 50 हजार करोड़ रुपये का लोन देंगे। आज इसका पहला फायदा सीरम इंस्टीट्यूट (SII) को मिला है। कोविशील्ड बनाने वाली अदार पूनावाला की कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट को बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने 500 करोड़ रुपये का लोन देने का फैसला किया है।

गौरतलब है कि भारत में मंजूर तीन वैक्सीन में से कोविशील्ड सबसे प्रमुख है और बड़े पैमाने पर यही लोगों को लगाया जा रहा है। लेकिन इस टीके की किल्लत से हर कोई परेशान है।

यह भी खबर है कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने सीरम इंस्टीट्यूट के लिए आज 500 करोड़ रुपये का लोन मंजूर किया है। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक ने टीका बनाने वाली सार्वजनिक कंपनी भारत बायोटेक के लिए लोन मंजूर किया है, लेकिन यह कितने राशि का है, इसका खुलासा नहीं किया गया है।

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कोविड से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 50 हजार करोड़ के किफायती लोन की व्यवस्था करने का ऐलान बुधवार को किया था।

उन्होंने कहा था कि 50 हजार करोड़ रुपये की नकदी कोविड से जुड़े हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए मिलेगी। इसके तहत बैंक वैक्सीन निर्माताओं, ​आयातकों, ऑक्सीजन सप्लायर्स, कोविड की दवाइयों के उत्पादक, अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब आदि को लोन देंगे। यह सुविधा 31 मार्च 2022 तक रहेगी। उन्होंने कहा कि यह लोन रेपो रेट पर यानी काफी किफायती ब्याज दर पर होगा। गौरतलब है ​कि रेपो रेट सिर्फ 4 फीसदी है।

उन्होंने कहा कि बैंकों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे कमजोर क्षेत्रों को लोन दें। बैंक अपने बहीखाते में एक कोविड लोन बुक बनाएंगे। वे रिजर्व बैंक के कोविड खाते में इतनी ही रकम रख सकेंगे और उन्हें रिवर्स रेपो रेट से 40 बेसिस पॉइंट यानी 0.4 फीसदी ज्यादा ब्याज मिलेगा।