भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति का ऐलान कर दिया है, ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. आरबीआई गवर्नर ने मौद्रिक नीति समीक्षा की बैठक के नतीजों की घोषणा की. लगातार बढ़ती महंगाई के कारण रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने पॉलिसी रेट में कोई बदलाव ना करने का फैसला किया है.

आरबीआई ने अप्रैल में हुई पिछली एमपीसी बैठक में प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था. इसके साथ ही रेपो रेट 4 प्रतिशत, रिवर्स रेपो रेट 3.35 और सीआरआर 4 प्रतिशत पर स्थिर है. एमएसएफ रेट और बैंक रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4.25 प्रतिशत रहेगा. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि बेहतर मानसून के साथ ही इकोनॉमी में रिकवरी देखने को मिलेगी.

 

आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने फैसला किया है कि जब तक कोविड-19 का असर खत्म नहीं होता तब तक अकोमोडेटिव नजरिया ही बरकरार रखा जाएगा. गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि फिस्कल ईयर 2021 में रियल जीडीपी 7.3 प्रतिशत रही. अप्रैल में महंगाई दर 4.3 फीसदी रही जो राहत है. आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की तीन दिनों की बैठक 2 जून को शुरू हुई थी. पॉलिसी पर यह फैसला ऐसे समय में हुआ है, जब कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर का देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर साफ नजर आ रहा है.

उन्होंने कहा कि अच्छे मानसून से इकोनॉमी में रिवाइवल संभव है. ग्रोथ वापस लाने के लिए पॉलिसी सपोर्ट बेहद अहम है. रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष यानी 2021-22 के लिए ग्रोथ रेट का अनुमान घटा दिया है. आरबीआई के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में ग्रोथ रेट 9.5 प्रतिशत रहेगा. पहले रिजर्व बैंक ने 10.50 फीसदी का अनुमान जताया था. इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने 2021-22 में महंगाई दर 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है.