रातू | रातू के काटू गांव के रहनेवाले सैनिक दुनी उरांव (42) की सिक्किम में शनिवार को मौत हो गई उनके परिवार में पत्नी के अलावा बूढ़ी मां, बेटी मनीषा (15) बेटा अंकित (12) हैं। 

रविवार सुबह परिवारवालों को उनकी मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। पत्नी निर्दोषी देवी बेहोश हो गईं, तो रातू सीएचसी प्रभारी डॉ. सुजीत कश्यप ने घर पर ही इलाज शुरू किया। 

बेटे की मौत की खबर पाकर सौ साल की उम्र पार कर चुकीं बूढ़ी मां की आंखों से आंसू की अविरल धारा बह निकली। 

वे रो-रो कर कह रही थीं कि जिस बेटे को बड़ी उम्मीद से नौकरी के लिए भेजा था, अब उसकी अर्थी देखने को मिलेगी। दोनों बच्चे भी लगातार रो रहे थे, जिन्हें आस-पड़ोस के लोग संभाल रहे थे। 

सैनिक दुनी उरांव का शव मंगलवार सुबह सात बजे घर पहुंचेगा। परिजनों ने बताया कि दुनी उरांव की सेना में 16 बिहार बटालियन में नौकरी हुई थी। फिलहाल वह जेसीओ के पद पर सिक्किम में पदस्थापित थे। वे अगस्त माह में ही घर से नौकरी के लिए गए थे।