मायन (Maine) में एक मछुआरा उस समय चौंक गया जब उसके जाल में एक नीले रंग का दुर्लभ लॉब्स्टर पकड़ में आ गया। इसे कॉटन कैंडी लॉब्स्टर (Cotton Candy Lobster) कहते हैं। यह महत्वपूर्ण इसलिए हैं क्योंकि जब कोई मछुआरा 10 करोड़ मछलियां पकड़ता है तो एक बार उसे यह नीले रंग का कॉटन कैंडी लॉब्स्टर मिलता है।

लॉब्स्टर का मतलब झींगा मछली, केकड़ा, कर्कट और लॉब्स्टर ही होता है। यह एक प्रसिद्ध सी-फूड है। गेट मायन लॉब्स्टर नाम की सी-फूड कंपनी के सीईओ मार्क मरेल ने बताया कि मायन की खाड़ी (Gulf of Maine) में स्थित कैस्को बे (Casco Bay) में मछुआरे बिल कॉपरस्मिथ ने इस दुर्लभ कॉटन कैंडी लॉब्स्टर को पकड़ा था।

बिल कॉपरस्मिथ ने इस कॉटन कैंडी लॉब्स्टर (Cotton Candy Lobster) का नाम अपनी पोती के नाम पर हैडी रखा। इसके बाद तुरंत कंपनी को बताया कि उसके हाथ एक दुर्लभ लॉब्स्टर लगा है। मार्क मरेल ने बताया कि कॉटन कैंडी लॉब्स्टर का मिलना इसलिए भी रेअर माना जाता है क्योंकि किसी को ये नहीं पता कि दुनिया में इनकी संख्या कितनी है। नेशनल जियोग्राफिक की मानें तो यह जीव हर चार से पांच साल में एक बार पकड़ में आता है।

यह 10 करोड़ मछलियों या लॉब्स्टर को पकड़ने के दौरान एक बार होने वाली घटना है। बिल कॉपरस्मिथ 40 सालों से मछलियां और लॉब्स्टर पकड़ रहे हैं। अपने पूरे करियर में उन्होंने सिर्फ तीन बार दुर्लभ लॉब्स्टर पकड़े हैं। पहली बार एक सफेद रंग का और दूसरी बार नारंगी रंग का। इस बार कॉटन कैंडी लॉब्स्टर तीसरी घटना है।
इसके रंग की वजह से इसकी जान पर खतरा था। यह शिकारियों की नजर में जल्दी आता। इसलिए इसे सुरक्षित जगह पहुंचा गया। इस दुर्लभ कॉटन कैंडी लॉब्स्टर (Cotton Candy Lobster) को सीकोस्ट साइंस सेंटर में पहुंचा दिया है।