रमजान को मुस्लिम समुदाय का सबसे पवित्र होता है। रमजान का महीना चांद के दिखाई देने पर निर्भर करता है। रमजान कई बार 29 दिन का होता है तो कई बार 30 दिन का होता है। रमजान का चांद सबसे पहले सऊदी अरब और कुछ पश्चिमी देशों में दिखाई देता है जिसके एक दिन बाद भारत समेत बाकी देशों में देखा जाता है। भारत में आज पहला रोजा है और यह करीब 15 घंटे का होगा। आइए जानते हैं कि देश के प्रमुख शहरों में इस बार सहरी और इफ्तार का समय क्या रहेगा।

रमजान के महीने का मुख्य उद्देश्य आध्यात्मिक रूप से विकसित होना और अल्लाह और उनके प्रियजनों के करीब होना है। इस पूरे महीने में मुस्लिन समुदाय के लोग रोजा रखते हैं और गलत आदतों से दूर रहते हैं। रमजान को एकता और अधात्मिकता का समय माना जाता है। इस दौरान लोग अल्लाह की इबादत करते हैं।

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रोजा रखने के नियम

- रमजान के दौरान सुबह सूरज उगने से पहले खाना खाया जाता है ताकि आपको पूरे दिन भूख ना लगे। इसके बाद सूरज ढलने के बाद रोज़ा खोला जाता है।

- रमजान के दौरान रोजादार के लिए पांच वक्त की नमाज पढ़ना जरूरी माना जाता है।

- रमजान के दौरान सूरज उगने के बाद और सूरज ढलने से पहले ना कुछ खाया जाता है और ना ही पिया जाता है।

- रमजान के दौरान शादीशुदा लोगों को दिन के समय शारीरिक संबंध बनाने की मनाही होती है।

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सहरी और इफ्तार का समय

हैदराबाद- सुबह 04 बजकर 58 मिनट पर (सहरी), शाम 06 बजकर 45 मिनट पर (इफ्तार)

दिल्ली- सुबह 04 बजकर 48 मिनट पर (सहरी), शाम 06 बजकर 43 मिनट पर (इफ्तार)

पटना- सुबह 04 बजकर 21 मिनट पर (सहरी), शाम 06 बजकर 08 मिनट पर (इफ्तार)

लखनऊ- सुबह 04 बजकर 36 मिनट पर (सहरी), शाम 06 बजकर 26 मिनट पर (इफ्तार)

मुंबई- सुबह 05 बजकर 18 मिनट पर (सहरी), शाम 06 बजकर 53 मिनट पर (इफ्तार)

कोलकाता- सुबह 04 बजकर 13 मिनट पर (सहरी), शाम 05 बजकर 52 मिनट (इफ्तार)

कानपुर- सुबह 04 बजकर 41 मिनट पर (सहरी), शाम 06 बजकर 26 मिनट पर  (इफ्तार)