न्यायमूर्ति रामलिंगम सुधाकर को शनिवार को मणिपुर उच्च न्यायालय के पांचवे मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलार्इ गर्इ। राज्यपाल जगदीश मुखी ने इम्फाल के राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में न्यायमूर्ति रामालिंगम सुधाकर को शपथ दिलाई। मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर रामलिंगम सुधाकर की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति ने नौ मई को की थी।


न्यायमूर्ति रामालिंगम सुधाकर तमिलनाडु के वेल्लोर जिले के पानापक्कम गांव के निवासी हैं। उन्होंने चेन्नई के लोयला कॉलेज से लाइफ साइंस में स्नातक किया है और मद्रास लॉ कॉलेज से लॉ की डिग्री प्राप्त की है।

वर्ष 1983 में उन्होंने अधिवक्ता के तौर पर तमिलनाडु के पूर्व महाधिवक्ता और मद्रास उच्च न्यायालय के लोक अभियोजक वरिष्ठ अधिवक्ता हबीबुल्लाह बादशाह के साथ काम शुरू किया। वर्ष 2005 और 2016 में रामालिंगम सुधाकर मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए।


वह जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के भी न्यायाधीश रहे। बाद में वर्ष 2018 में वह जम्मू-कश्मीर के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, उप मुख्यमंत्री वाई जॉय कुमार सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता ओकरम इबोबी सिंह, पूर्व उप मुख्यमंत्री गाइकहंगम और मंत्रिमंडल के सदस्य शामिल हुए।