रक्षाबंधन आने में कुछ ही दिन शेष बचे हैं। इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। इस दिन भाईयों को राखी बांधने से पहले अपने इष्टदेवों को राखी बांधनी चाहिए। ऐसा करने वे वर्ष भर आपके मान-सम्मान की रक्षा करते हैं। आइये जानते हैं कि किस भगवान को कौन सा रक्षा सूत्र बांधना चाहिए।

भगवान गणेश

सनातन धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य कहा गया है। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन की सारी समस्याएं गणपति हर लेते हैं और घर में खुशहाली बढ़ती है। इसलिए राखी वाले दिन सबसे पहले गणपति बप्पा को राखी बांधनी चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि गणपति को लाल रंग की ही राखी बांधें।

भगवान विष्णु 

भगवान विष्णु को पीला रंग बहुत प्रिय है। रक्षाबंधन के दिन भगवान विष्णु को हल्दी का तिलक लगाकर पीले रंग की राखी बांधनी चाहिए। इससे भगवान प्रसन्न रहते हैं और अपने श्रद्धालुओं को मनचाहा वरदान देते हैं। उनके आगे मिठाई का भोग भी चढ़ाना चाहिए।

भोलेनाथ 

राखी का पर्व सावन के महीने की पूर्णमासी को मनाया जाता है। यह सावन का अंतिम दिन होता है। सावन को भगवान भोले की आराधना का महीना भी कहा जाता है। इसलिए इस दिन भोलेनाथ को नीले रंग का रक्षा सूत्र जरूर बांधनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन की सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं और परिवार में सुख-संपन्नता का वास होता है। 

कन्हैया 

सनातन धर्म के मुताबिक श्रीकृष्ण की उंगली से खून बहने पर द्रोपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनकी उंगली और कलाई पर बांधा था। इस दिन से भी भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन की शुरुआत मानी जाती है। महाभारत कथा के अनुसार चीरहरण के समय भगवान कृष्ण ने चीर बढ़ाकर द्रोपदी के मान-सम्मान की रक्षा की थी। माना जाता है कि श्रीकृष्ण को हरे रंग की राखी बांधने से वह जीवन के सारे दुखों को दूर कर देते हैं।

पवन पुत्र 

भगवान हनुमान भारतीय संस्कृति में संकटमोचक कहे जाते हैं। जब-जब भगवान राम संकट में पड़े, तब-तब पवन पुत्र हनुमान ने आगे बढ़कर उनकी सारी समस्या दूर की है। इसलिए रक्षाबंधन वाले दिन हनुमान जी को लाल रंग का धागा जरूर बांधना चाहिए। ऐसा करने से मंगल दोष दूर होते हैं और बल-बुद्धि की प्राप्ति होती है।