अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समीति कृषि बिल के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहा है।  इसके लिए किसानों को लेकर वह लोग हर आंदोलन में साथ आ रहे हैं।  इसी कड़ी में चुनाव के पहले लोगों को जागरूक करने व भाजपा का किसान विरोधी चेहरा बेनकाब करने के लिए आंदोलन कर रहे लोग किसान आंदोलन का चेहरा बन चुके राकेश टिकैत को लेकर पश्चिम बंगाल में महापंचायत करने जा रहे हैं। 

किसान आंदोलन के नेता अभिक साहा ने बताया कि वह लोग इसके लिए जी तोड़ प्रयास कर रहे हैं।  हालांकि राकेश टिकैत से अभी तक कोई समय नहीं मिला है।  जैसे ही समय मिलेगा वह लोग महापंचायत के तारीख और स्थान का एलान कर देंगे।  उल्लेखनीय है कि चुनाव करीब आते जा रहा है।  तृणमूल कांग्रेस व भाजपा पूरी तरह से चुनावी मोड में आकर धुआंधार प्रचार शुरू कर दिया है। 

कांग्रेस व वाममोर्चा इसी हफ्ते अपने महागठबंधन की आधिकारिक घोषणा करके 28 फरवरी को ब्रिगेड में सभा का एलान करके मैदान में उतर गयी है।  भाजपा भी सात मार्च को ब्रिगेड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाकर आंदोलन करने का एलान कर चुकी है।  ऐसे में राकेश टिकैत के किसान महापंचात पश्चिम बंगाल की राजनीति में क्या असर देता है इस पर लोगों निगाह रख रहे हैं। 

किसको होगा नुकसान- सियासी गलियारों में चल रही चर्चा की मानें तो बंगाल में राकेश टिकैट अगर प्रभावी हुए तो इसका नुकसान बीजेपी को ही होगा।  वहीं सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस को भी इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।  राकेश टिकैत पहले भी बंगाल की सीएम पर निशाना साध चुकी है।