नए  कृषि कानूनों और एमएसपी को लेकर किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच जारी खींचतान अभी थमती नजर नहीं आ रही है। किसान नेता अब देशभर में घूम-घूम कर किसानों को नए कृषि कानूनों के खिलाफ एकजुट करने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को भुवनेश्वर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाना पड़ेगा और तीनों कृषि कानून वापस लेना पड़ेंगे।

टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार बहुत से नए बिल लेकर आ रही है, उन पर सरकार को बात करनी होगी। ये लुटेरों की सरकार है, ये देश में नहीं रहेगी, इनको जाना पड़ेगा। किसान नेता ने कहा कि एमएसपी किसानों का हक है, जिसे वो लेकर रहेंगे। अपना हक पाने के लिए देशभर के किसानों को एक साथ आना होगा और इसके लिए सरकार पर दबाव बनाना होगा। 

टिकैत ने कहा कि जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता तब तक किसान किसान आंदोलन जारी रहेगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानून की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि जब एमएसपी पर कानून बनेगा तभी किसानों का भला होगा।