अमेठी की गौरीगंज सीट से सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह (rakesh pratap singh) ने रविवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा से इस्तीफा (rakesh pratap singh resigned) दे दिया। उन्होंने अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित (Hriday Narayan Dixit) के आवास पर अपना इस्तीफा सौंपा। सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि अमेठी को सुल्तानपुर और एक अयोध्या को जोडऩे वाले उनके निर्वाचन क्षेत्र की दो प्रमुख सडक़ों की हालत बेहद खराब है।

सिंह (rakesh pratap singh) ने कहा, 2018-19 से, मैं लगातार इन सडक़ों के निर्माण के लिए प्रयास कर रहा हूं। मैंने कई बार अधिकारियों से संपर्क किया है लेकिन कुछ नहीं हुआ। मैंने राज्य विधानसभा में यह मामला उठाया और राज्य सरकार ने आश्वासन दिया कि इन सडक़ों का निर्माण तीन महीने के भीतर किया जाएगा। हालांकि, अभी तक कुछ नहीं हुआ है। सिंह ने कहा कि राज्य विधानसभा का सदस्य बने रहने का कोई औचित्य नहीं है जिसमें सरकार गलत जानकारी और झूठे आश्वासन दे रही है।

सिंह (rakesh pratap singh) के अनुसार, इन दोनों सडक़ों का निर्माण 2016-17 के दौरान किया गया था, लेकिन निर्माण की खराब गुणवत्ता के कारण लंबे समय तक नहीं चल सका। उन्होंने एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में एसआईटी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में जनप्रतिनिधियों के अधिकारों को कमजोर करने का काम किया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ये लोग भी सरकार को गुमराह कर रहे हैं।