सरकार ने सशस्त्र सेनाओं (Armed Forces) के लिए करीब 8 हजार करोड़ रूपये के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited) (एचएएल) से 12 हल्के हेलिकॉप्टरों (12 light choppers) की खरीद भी शामिल हैं। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई रक्षा खरीद परिषद (defense procurement council) की बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। ये सभी खरीद प्रस्ताव पूरी तरह यानी सौ फीसदी मेक इन इंडिया (Make In India) श्रेणी में हैं और इनका डिजायन, विकास तथा विनिर्माण देश में ही किया जायेगा। इन सभी प्रस्तावों को जरूरत के अनुसार मंजूरी खरीद श्रेणी में गया है। इनमें सबसे प्रमुख सौदा एचएएल से 12 लाइट यूटीलिटी हेलिकॉप्टर की खरीद है। 

इसके अलावा भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (Bharat Electronics Limited) से लाइनेक्स यू 2 फायर कंट्रोल सिस्टम की खरीद पर भी मुहर लगायी गयी है। इससे नौसेना के युद्धपोतों की डिटेक्शन व ट्रेकिंग तथा मारक क्षमता बढेगी। साथ ही एचएएल नौसेना के ड्रोनियर विमानों को उन्नत बनाने का काम भी करेगा जिससे नौसेना की समुद्र में टोही तथा निगरानी क्षमता में बढोतरी होगी। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘आत्मनिर्भर भारत योजना ’ को मजबूत बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए नौसेना के लिए गन की विदेशी कंपनी से खरीद की प्रक्रिया को बंद कर दिया गया है और भारत हैवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड (Bharat Heavy Electricals Limited) द्वारा बनायी जाने वाली उन्नत सुपर रैपिड गन माउंट (super rapid gun mount) की खरीद की जायेगी। इन गनों को नौसेना के युद्धपोतों पर तैनात किया जायेगा। सरकार का कहना है कि इन कदमों से देश में रक्षा क्षेत्र में विनिर्माण को बढावा मिलेगा और सशस्त्र सेनाओं के आधुनिकीकरण में भी मदद मिलेगी।