रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दीनदयाल स्मृति व्याख्यान में कांग्रेस पर जमकर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि 1950 और 1960 के दशक में चीन ने भारत की हजारों किमी भूमि पर कब्जा कर लिया। मगर हमारे नेताओं ने उसका विरोध नहीं किया, जिसका खामियाजा 1962 में भुगतना पड़ा। मगर आज भारत के सैनिकों में वो क्षमता है कि वह चीन से बराबर का मुकाबला कर रहे हैं। भारतीय सैनिकों में माकूल जवाब देने की ताकत है।

आत्म निर्भर भारत का संकल्प विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए सिंह ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने परमाणु परीक्षण की बात कही थी और अटलजी ने राजस्थान की धरती पर पांच परमाणु धमाके किए। उपाध्याय ने कहा था कि जो देश आर्थिक दृष्टि से दूसरे राष्ट्रों पर निर्भर रहता है उसका स्वाभिमान खत्म हो जाता है। भारत को आत्मनिर्भर बनने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। मगर इस दिशा में अब काम शुरू हो गया है।

सिंह ने कहा कि जो काम आजादी के तीन दशक में होने चाहिए थे, वह सात दशक बाद नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। आजादी के बाद ही किसानों के लिए काम किया गया होता तो शायद किसान आत्महत्या नहीं करता। किसान को उसकी उपज का पूरा दाम नहीं मिल पाया। अब जाकर हमारी सरकार ने किसानों को उसकी उपज का पूरा दाम मिलेगा, लेकिन इसे लेकर भ्रांतियां पैदा करके किसानों को बरगलाया जा रहा है। मैं कह रहा हूं कि किसानों को इससे बहुत लाभ होगा।