सत्ता, विपक्ष और छात्र संगठन ने आज प्रकाशित राष्ट्रीय नागरिक पंजी(एनआरसी) की अंतिम सूची को लेकर जहां अपना असंतोष प्रकट किया है, वहीं नागरिकता कानून संशोधन विरोधी मंच ने इसका स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि अद्यतन प्रक्रिया में रह गई खामियों को उच्चतम न्यायालय के माध्यम से दूर किया जा सकेगा।


गुवाहाटी प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मंच के अध्यक्ष डा. हीरेन गोहाईं ने राज्यवासियों से एनआरसी को लेकर किसी के बहकावे में न आने और उत्तेजित न होने की अपील की है। डा. गोहाईं ने कहा कि एनआरसी में शामिल होने से रह गए सभी 19 लाख लोगों के नागरिक अाधिकारों की हिफाजत की जानी चाहिए, जबकि उनके मामलों को लेकर विदेशी न्यायाधिकरण अथवा कानून अपना काम करेगी।



उन्होंने कहा कि एनआरसी अद्यतन की प्रक्रिया बहुत जटिल थी और इसमें खामी रह जाने की बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता।उन्होंने असम में एनआरसी अद्यतन प्रक्रिया को पूरा करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आरएफ नरीमन और एनआरसी समन्वयक प्रतीक हाजेला के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अभी भी सब कुछ खत्म नहीं हो गया है। विदेशी न्यायाधिकरण में आवेदन करने के लिए सरकार ने 60 दिन की जगह 120 दिन का समय दिया है।