सुदूर राजस्थान से डिब्रूगढ़ में बड़ी संख्या में ऊंटों की अवैध तस्करी खुलेआम की जा रही है। लेकिन वन विभाग व जिला प्रशासन को खबर ही नहीं है। जबकि इन ऊंटो को सरेआम राष्ट्रीय राजमार्ग 37 के समीप रखा जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुदूर राजस्थान से हाल ही में 8 ऊंटो को कत्लगाहों में बेरहमी से काटा जा रहा है। इनके मांस की ऊची कीमतों पर बिक्री की जा रही है। डिब्रूगढ़ शहर सहित जिले के अन्य अचंलों के लोग बड़ी संख्या में इसकी खरीदारी कर रहे हैं। लेकिन आश्चर्य की बात है कि शहर में ऊंटों के आगमन व कत्लगाहों तक पहुंचाने की बात वन विभाग व जिला प्रशासन तक नहीं पहुच रही है। हालांकि पूरे डिब्रूगढ़ की जनता को इस बात की खबर है।

इससे भी अचंभे की बात है कि कई राज्यों के साथ ही बहुत से जिलों को पार कर डिब्रूगढ़ पहुंचने वाले ऊंटों के संदर्भ में किसी भी सरकारी अधिकारी को जानकारी न होना असम्भव है। अगर ऐसा है तो देश व राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगता है। क्योंकि एक ऊंट लगभग 8 से 12 फुट का होता है। उसको लाने के लिए बड़े वाहनों का उपयोग करना पड़ेगा। इसके बाद भी किसी की नजर में न आना असम्भव है। बहरहाल, इस अवैध तस्करी के खिलाफ वन विभाग व जिला प्रशासन कोई कदम उठाता है या फिर इसी प्रकार यह कारोबार चलता रहेगा, यह तो समय बताएगा।