राजस्थान में कांग्रेस में चल रहे घमासान के बीच उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित खाद्यमंत्री रमेश मीणा एवं पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह को मंत्रिमंडल एवं पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आज इस आशय की जानकारी देते हुए बताया कि पायलट को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया है। उनके स्थान पर शिक्षामंत्री गोविंद डोटासरा प्रदेशाध्यक्ष होंगे। 

सूत्रों ने बताया कि विधायक दल की कल और आज हुई बैठकों में पायलट के अनुपस्थित रहने के बाद यह कार्रवाई की गयी है। पायलट को बैठक में आने के लिये लिखित रूप से संदेश भेजा गया था, साथ ही उन्हें मनाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन वह नहीं माने। पायलट ने अपने पक्ष में 30 विधायक होने का दावा करत हुए गहलोत सरकार को अल्पमत में बताया था। उसके बाद गहलोत ने एक होटल में विधायक दल की बैठक से पहले मीडिया के समक्ष 106 विधायक होने का दावा किया था।  राज्यसभा चुनाव के दौरान भी कांग्रेस में असंतोष के स्वर सुनाई देने लगे थे, लेकिन तब यह मामला दबा दिया गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री से पायलट की तकरार बढऩे लगी और पायलट ने अपने समर्थक विधायकों को एकजुट करना शुरु कर दिया। गहलोत को इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर चुनी सरकार को धनबल के जरिए गिराने का आरोप लगाया। 

गहलोत ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को करोड़ों रुपये का लालच दिया जा रहा है। इसके बाद कल विधायक दल की बैठक में गहलोत पर विश्वास व्यक्त करते हुए बहुमत का दावा किया गया। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी एवं कांग्रेस के अन्य नेताओं ने पायलट को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। आज की बैठक में भी उन्हें बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आये और उन्होंने गहलोत सरकार को अल्पमत की सरकार बताया। पायलट के साथ खाद्यमंत्री रमेश मीणा तथा पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह भी गहलोत से नाराज चल रहे थे। वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से अब सचिन पायलट को ऑफर दिया गया है। ओम माथुर का कहना है कि सचिन पायलट अगर बीजेपी में आते हैं तो उनका स्वागत है। वहीं राजस्थान में बीजेपी की ओर से अभी वेट एंड वॉच की स्थिति बरती है और फ्लोर टेस्ट की तुरंत मांग से इनकार किया है।