केंद्र सरकार (central government) ने वर्ष 2022-23 के आम बजट (Rail Budget for the year 2022-23) में रेलवे को पहली बार एक लाख 37 हजार करोड़ की सकल बजटीय सहायता सहित दो लाख 40 हजार करोड़ रुपए के राजस्व अर्जन का अनुमान है जबकि दो लाख 18 हजार करोड़ रुपए के व्यय का आकलन है। रेल, संचार, इलैक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव (ashwini vaishnav) ने आज यहां पारित आम बजट में अपने विभागों के आवंटन के बारे में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि रेलवे को पहली बार एक लाख 37 हजार 100 करोड़ रुपए की इतनी बड़ी राशि सकल बजटीय सहायता के रूप में दी गयी है। इससे महत्वपूर्ण एवं अतिमहत्वपूर्ण ढांचागत परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा। 

रेल मंत्री (Rail Minister) ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में परिचालन अनुपात करीब 98 प्रतिशत रहने का अनुमान है। रेलवे मालढुलाई में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रयासों में जुटी है और इस समय प्रतिदिन 40 लाख टन से अधिक की लोडिंग हो रही है। इस वित्त वर्ष में 140 करोड़ टन से अधिक लोडिंग का अनुमान है जबकि 2020-21 में यह आंकड़ा 120 -123 करोड़ टन था। उन्होंने बताया कि अगले वित्त वर्ष के लिए हमारा लक्ष्य 45 लाख टन रोजाना और फिर उसके बाद 50 लाख टन माल ढुलाई का लक्ष्य रखेंगे। वैष्णव ने कहा कि बजट में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की बड़ी योजना के लिए 12 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 

बजट में संरक्षा एवं क्षमता संवद्र्धन के लिए विश्वस्तरीय स्वदेशी तकनीक कवच को रेलमार्ग पर लगाने का कार्यक्रम तय किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत कवच तकनीक को अमेरिका सहित विश्व के बड़े देशों को निर्यात करने की संभावनाएं भी तलाशेगा। उन्होंने कहा कि वंदे भारत भारत का पहला आधुनिक रेल तकनीकी प्लेटफॉर्म है। इसका पहला संस्करण अभी पटरियों पर दौड़ रहा है। दूसरे संस्करण की डिजायन तैयार है जिसका परीक्षण अप्रैल में शुरु होगा और अगस्त से विनिर्माण शुरू हो जाएगा। इसी प्रकार से वंदे भारत की नयी पीढ़ी के तकनीकी प्लेटफॉर्म विकसित करके 400 ट्रेनें बनायीं जाएंगी। उन्होंने कहा कि देश के 850 करोड़ रेलयात्रियों को नई डिजायन की ट्रेनों में बैठने की इच्छा है। रायबरेली, चेन्नई एवं कपूरथला में वंदे भारत गाड़यिों का विनिर्माण किया जाएगा। रेल मंत्री ने कहा कि बजट में रेलवे के आठ हजार स्टेशनों और डाक विभाग के करीब डेढ़ लाख डाकघरों को एक कॉमन प्लेटफॉर्म पर लाकर किसानों, लघु एवं सूक्ष्म उद्यमियों के उत्पादों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का कार्यक्रम घोषित किया गया है जिससे करोड़ों गरीब किसानों, हस्तशिल्पियों एवं अन्य छोटे कारोबारियों को लाभ होगा। 

मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस समय इस परियोजना पर पांच किलोमीटर प्रति माह के हिसाब से खंबे स्थापित करने का काम हो रहा है जिसकी गति को दोगुनी किया जाएगा। संचार मंत्रालय के बारे में उन्होंने बताया कि देश में 5 जी तकनीक के लिए निर्धारित स्पेक्ट्रम की नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इसके लिए टेंडर निकाले जाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) अब परिचालन लाभ की स्थिति में आ गयी है और वह 4जी सेवाओं के लिए नेटवर्क तैयार करेगी और उसके बाद वह 5जी के लिए कदम बढाएगी।