रोजाना ट्रेन से अप डाउन करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रेलवे ने इन लोगों की सुविधा के लिए बायोमेट्रिक टोकन मशीन लॉन्च की है। इसकी वजह से सामान्य डिब्बे में भी रिजर्वेशन जैसी सुविधा मिलेगी। अब हर यात्री को अपनी सीट पता होगी और वो वहीं जाकर बैठेगा। इससे यात्री भीड़ भाड़ से भी बच सकेंगे और सामान्य डिब्बे में होने वाली धक्का-मुक्की बंद होगी। साउथ सेंट्रल रेलवे ने सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर यह मशीन लॉन्च की है। यह ऐसी पहली मशीन है, जिसे रेलवे स्टेशन पर लगाया गया है। यहां इसके बारे में सब कुछ बता रहे हैं।

यात्रियों को इस मशीन में अपने सफर से जुड़ी पूरा जानकारी देनी होगी और इसमें अपना अंगूठा भी लगाना होगा। इससे मशीन आपकी बायोमेट्रिक डीटेल हासिल करेगी। पूरी जानकारी लेने के बाद मशीन आपको टिकट देगी, जिसमें डिब्बा नंबर और सीरियल नंबर होगा। इसी के आधार पर आप अपने कोच में चढ़ेंगे और अपनी सीट पर बैठेंगे। इससे सीट के लिए होने वाली लड़ाई और धक्का मुक्की बंद होगी।

इस मशीन की वजह से यात्रियों को भीड़ नहीं लगाना पड़ेगा। वो आराम से ट्रेन में चढ़ेंगे और अपनी सीट पर बैठेंगे। साथ ही रेलवे के पास हर यात्री की डीटेल होगी और किसी भी तरह का अपराध होने पर तुरंत अपराधी को पकड़ा जा सकेगा। पकड़े जाने के डर से अपराधी भी ट्रेनों में यात्रा नहीं कर पाएंगे। इस वजह से आपका सफर पहले से ज्यादा व्यवस्थित और सुरक्षित होगा। बायोमेट्रिक मशीन सबसे पहले 14 सितंबर 2021 को लॉन्च की गई थी। सिकंदराबाद स्टेशन पर बहुत जल्द दूसरी बायोमेट्रिक मशीन भी लगेगी।

रेलवे ने इस मशीन के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि बायोमेट्रिक मशीन का बड़ा फायदा स्टेशनों पर भीड़ रोकने में होगा। इसकी वजह से यात्रियों को पहले से कोच नंबर मिलेगा, इसलिए वे घंटों में लाइन में खड़े होकर ट्रेन में बैठने का इंतजार नहीं करेंगे। बायोमेट्रिक मशीन से यात्री को टोकन लेते वक्त ही पता चल जाएगा कि उसे किस कोच में बैठना है, तो वह स्टेशन या ट्रेन के पास तभी जाएगा जब वह ट्रेन और उसका कोच आ जाएगा।"