कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के बीच हार्वर्ड केनेडी स्कूल के एंबेसडर निकोलस बर्न्स के साथ बातचीत की है। बातचीत में राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी की जी भरकर बुराईयां की है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपना मास्टर प्लान निकोलस बर्न्स से साझा किया है। राहुल गांधी ने कहा कि “अगर वह प्रधानमंत्री होते तो वह जॉब क्रिएशन पर ज्यादा फोकस करते बजाय विकास दर (ग्रोथ) के”।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निकोलस बर्न्स के साथ चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि अगर वह पीएम होते तो निश्चित तौर पर 'विकास केंद्रित' नीति की तुलना में रोजगार सृजन पर अधिक ज्यादा फोकस करते, क्योंकि युवा देश का भविष्य हैं।  राहुल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा कि “भारत में क्या हो रहा है, इस बारे में अमेरिकी प्रतिष्ठान से कुछ भी सुनने को नहीं मिला ”। राहुल गांधी 'मैं केवल नौकरी-केंद्रित विचार की ओर आगे बढ़ूंगा। हमें डेवलपमेंट की जरूरत है, लेकिन उत्पादन, रोजगार सृजन और वैल्यू एडिशन को आगे बढ़ाने के लिए हम सब कुछ करने जा रहे हैं '।

राहुल ने बताया कि ''आज वैल्यू एडिशन को चीनी लीड करते हैं। आज तक मुझे ऐसे एक भी चीनी नेता नहीं मिले तो, जो कहते हो कि हमें  नौकरियों की समस्या है। मेरे लिए नौकरियां पहली प्राथमिकता है। ऐसे में मेरे लिए 9 फीसदी आर्थिक विकास का कोई मायने नहीं रह जाता ''। संवाद में राहुल गांधी ने असम विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी की गाड़ी से ईवीएम मिलने का भी जिक्र किया तो राहुल ने सत्तापक्ष पर संस्थागत ढांचे के अधिकार को कुचलने का आरोप लगाया।