कांग्रेस नेता राहुल ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आम बजट की आलोचना करते हुए अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि मोदी सरकार देश की संपत्ति घनिष्ठ मित्र पूंजीपतियों के हाथों में दे देना चाहती है। एक ट्वीट संदेश में राहुल ने कहा कि जनता के हाथ में कैश देने की बात तो भूल ही जाइए ...मोदी सरकार देश की संपत्ति को अपने चंद पूंजीपति मित्रों के हाथों में सौंप देने पर विचार कर रही है।

सोमवार को संसद में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आम बजट की कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों ने आलोचना की है। बजट के पहले कांग्रेस ने कृषि क्षेत्र का बजट आवंटन बढ़ाने और तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की थी। राहुन ने अपने ट्वीट संदेश में कहा था - रोजगार सृजन के लिए किसानों, मजदूरों और सूक्ष्म, लघु व मध्यम इंटरप्राइज सेक्टर को समर्थन दें...जीवन बचाने के लिए हेल्थकेयर परिव्यय बढ़ाइए और सीमाओं की रक्षा के लिए रक्षा बजट भी बढ़ाइए।

कांग्रेस ने पहले इस बात का उल्लेख किया था कि देर से ही सही, मगर सरकार को अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए बड़ा वित्तीय प्रोत्साहन देना चाहिए। ऐसे बड़े वित्तीय प्रोत्साहन से ही जनता के हाथों में मनी आ सकती है। कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र से मांग की थी कि वह ऐसे 20-30 प्रतिशत परिवारों को डायरेक्ट कैश ट्रांसफर करे जो पिछले छह महीनों से गरीबी से बुरी तरह जूझ रहे हैं। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की थी कि बंद पड़े सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को पुनर्जीवित करने, नौकरी खो चुके लोगों के लिए नौकरी सृजित करने, कर दर में कमी करने और पेट्रोल व डीजल पर अन्य अप्रत्यक्ष कर कम करने के लिए एक प्रभावी योजना बनाए और उसे क्रियान्वित करे।