डब्ल्यूएचओ द्वारा कोविड की मौतों पर डेटा जारी करने के एक दिन बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। कोविड से मौतों का आंकड़ा केंद्र के दावे से लगभग दस गुना अधिक है। केंद्र की मोदी सरकार ने इस पर आपत्ति जताते हुए डब्ल्यूएचओ के दावों का खंडन किया है।

ये भी पढ़ेंः Tajinder Singh Bagga Arrest: BJP नेता तजिंदर सिंह बग्गा गिरफ्तार, केजरीवाल एक सच्चे सरदार से डर गए : कपिल मिश्रा


इसी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया, कोविड महामारी के कारण सरकार के दावे के अनुसार 4.8 लाख नहीं बल्कि 47 लाख भारतीयों की मौत हुई। विज्ञान झूठ नहीं बोलता, मोदी बोलते हैं। उन परिवारों का सम्मान करें जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। 4 लाख रुपये का मुआवजा अनिवार्य कर उनका समर्थन करें। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि 2021 के अंत तक वैश्विक स्तर पर लगभग 1.5 करोड़ मौतें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोविड-19 महामारी से जुड़ी थीं।

ये भी पढ़ेंः Stock Market Updates: शेयर बाजार में भारी ग‍िरावट, 55 हजार के नीचे पहुंचा सेंसेक्‍स


डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अधिकांश अतिरिक्त मौतें (84 प्रतिशत) दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप और अमेरिका में केंद्रित थीं और विश्व स्तर पर केवल दस देशों में लगभग 68 प्रतिशत थीं। मध्य-आय वाले देशों में 14.9 मिलियन अतिरिक्त मौतों में से 81 प्रतिशत थीं, जबकि उच्च-आय और निम्न-आय वाले देशों में क्रमश: 15 और 4 प्रतिशत का हिसाब था। वैश्विक मृत्यु दर महिलाओं (43 प्रतिशत) की तुलना में पुरुषों (57 प्रतिशत) और वृद्ध वयस्कों में अधिक थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डब्ल्यूएचओ के इस मॉडल के आधार पर अधिक मृत्यु दर अनुमान लगाने के लिए अपनाई गई कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई है। मंत्रालय ने कहा, इस मॉडलिंग अभ्यास की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली और परिणाम पर भारत की आपत्ति के बावजूद, डब्ल्यूएचओ ने भारत की चिंताओं को पर्याप्त रूप से संबोधित किए बिना अतिरिक्त मृत्यु दर अनुमान जारी किया है।