भाजपा सरकार की दो बच्चा पॉलिसी को एक मुस्लिम नेता ने मानव अधिकारों का हनन बताया है। यह नेता हाल ही में असम उपचुनावों में जीत हासिल करके विधायक बने AIUDF के रफिकुल इस्लाम है। उन्होंने कहा है कि बच्चे पैदा करना हमारे धर्म के अनुकूल है और इस अधिकार को दो बच्चों तक सीमित करना मानवाधिकारों का हनन है। गौरतलब है कि असम की सर्बानंद सोनोवाल सरकार ने दो से ज्यादा बच्चों वाले लोगों को सरकारी नौकरी नहीं देने की बात कही थी।

असम के मुख्यमंत्री की इस बात का विरोध AIUDF अध्यक्ष बदरूद्दीन अजमल भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि 'मुस्लिम बच्चे पैदा करते रहें क्योंकि उनको वैसे भी सरकारी नौकरी नहीं मिलती। यह दो बच्चा पॉलिसी उनके किसी काम की नहीं, मुस्लिम बिजनेस करने पर ध्यान दें।' इसके बाद अब AIUDF के ही नए विधायक रफिकुल भी इस पॉलिसी के विरोध में उतर चुके हैं। रफिकुल ने कहा है कि सरकार पापुलेशन की बजाए पॉल्युशन पॉलिसी पर ध्यान दें। उन्होंने अपनी यह बात कह कर बदरूद्दीन का समर्थन किया है। 

कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर पूछे जाने पर रफिकुल ने कहा है कि 'हमने अभी इस बारे में नहीं सोचा है। हम एकला चलो मूल्यों में विश्वास रखते हैं। हालांकि All Assam Minorities Students’ Union (AAMSU) ने सोनोवाल सरकार की इस पॉलिसी का समर्थन किया है और कहा है कि यह देश सामाजिक और आर्थिक विकास के अच्छा कदम है। सरकार की यह पॉलिसी 1 जनवरी 2021 से लागू हो रही है।