इंसान के शरीर को जिस तरह भोजन और पानी की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह अच्छी नींद की भी जरूरत होती है. नींद का हमारे स्वास्थ्य से गहरा नाता है. एक वयस्क व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए हर रोज 7 से 8 घंटे की नींद की जरूरत होती है. यदि लंबे समय तक किसी व्यक्ति की नींद पूरी ना हो तो वो मोटापे, टाइप 2 डायबिटीज, हृदय रोग, अल्जाइमर और तनाव, अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों से घिर जाता है. आज की लाइफस्टाइल में हर 10 में से 5 लोग नींद ना आने की कमी से परेशान हैं.

ये भी पढ़ेंः बीयर पीने के बाद बढ़ रही है बैली फैट तो नहीं करें चिंता, ऐसे तुरंत कम हो जाएगी पेट की चर्बी

रात को देर तक जागने का सबसे बड़ा कारण सुबह देर से उठना है. यदि आप सुबह जल्दी उठते हैं और दिन भर काम करते हैं तो आपको खुद ब खुद नींद आ जाएगी. लेकिन अगर आप सुबह जल्दी उठते हैं, फिर भी देर रात तक करवटें बदलते रहते हैं तो उसकी वजह तनाव हो सकती है. तनाव की स्थिति में शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल बढ़ जाता है जिसकी वजह से दिमाग आराम की स्थिति में नहीं आता और नींद आने में मुश्किल होती है. बहुत अधिक चाय और कॉफी पीने की वजह से भी नींद नहीं आती है. क्योंकि, कैफीन वाले पेय पदार्थों की वजह से शरीर में एड्रिनल नामक हॉरमोन रिलीज होता है जो हमारे अंदर ऊर्जा और स्फूर्ति भरता है लेकिन रात के समय इससे काफी देर तक नींद नहीं आने की दिक्कत हो सकती है. इसके अलावा स्लीप एप्निया, इन्सोम्निया, डिहाइड्रेशन,आलस्य भरी जीवनशैली, सोने से पहले फोन इस्तेमाल करने की वजह से भी आप जल्दी नहीं सो पाते हैं. 

नींद ना आने की समस्या से पीड़ित लोगों के लिए 4-7-8 स्लीप मेथड नाम की तकनीक बहुत काम की है. ये एक तरह की एक्सरसाइज है जो ब्रीदिंग कंट्रोल करने और सोने से पहले शरीर को आराम देने पर फोकस्ड है. अमेरिका के बेहद फेमस फिटनेस एक्सपर्ट और सेलिब्रिटी डॉक्टर एंड्रियू वील ने एक टीवी शो के दौरान बताया, ''इस मेथड को ट्राई करने के दौरान लोगों को सबसे पहले अपनी जीभ को अपने ऊपर के फ्रंट टीथ के पीछे टच कराना है. इसके बाद आप एक से चार बार नाक से सांस लें. अब सात सेकंड तक अपनी सांसों को रोककर रखें. इस दौरान आप एक-दो-तीन करते हुए सात सेकंड तक मन में सात गिनती करें और फिर आठ सेकंड तक ताकत लगाकर अपनी सांस छोड़ें.'' 

उन्होंने की सांस छोड़ते वक्त अगर आपके अंदर से सरसराहट की आवाज आती है तो उसे आने दें. अब इस पूरे सायकल को चार बार रिपीट करें. शुरुआत के चार महीनों में आपको इसे चार बार ही करना है. जब आप इस टेक्निक के साथ कम्फर्टेबल हो जाएं तो आप इसे आठ बार तक कर सकते हैं. लेकिन आपको इसे आठ से अधिक बार नहीं करना है. ये मेडिटेशन की तरह ही है इसलिए शुरुआत में आपको थोड़ी दिक्कत हो सकती है लेकिन लगातार प्रैक्टिस से आपको ज्यादा दिनों तक मुश्किल नहीं होगी.

ये भी पढ़ेंः अब मंडराया भीषण युद्ध का खतरा! सरकार ने 18 से 65 साल तक के पुरुषों के देश से बाहर जाने पर लगाई रोक

वील ने बताया कि ये तकनीक लोगों को रात में सोने में मदद करती है और सोते-सोते अचानक नींद टूट जाने के बाद वापस सोने में भी मदद करती है. उन्होंने दावा किया कि ये तनाव, हार्ट रेट को सामान्य, हाई ब्लड प्रेशर को कम करने और पाचन में भी सुधार करती है. इन दिनों लाखों लोग इस 4-7-8 स्लीप मेथड को फॉलो कर रहे हैं और उन्हें इसके कई फायदे भी मिले हैं. हालांकि इस मेथड पर बड़े पैमाने पर रिसर्च नहीं हुई हैं. ऐसे लोग जिन्हें सांस संबंधी परेशानियां हैं या और कोई गंभीर बीमारी है वो अपने डॉक्टर से परामर्श करने के बाद ही इस टेक्निक को फॉलो करें.