पूसी रेलवे मणिपुर के नोनी में सबसे ऊंचा गर्डर पुल बन रहा है, जिसकी लागत 400 करोड़ रुपए और ऊंचाई कुतुबमीनार से दोगुनी 141 मीटर होगी। वर्तमान में यूरोप का माला-रिजेका लाइन 139 मीटर ऊंचाई के साथ सबसे ऊंचा गर्डर पुल है। अगले साल जून तक इस लाइन पर देश का सबसे बड़ा गर्डर पुल तैयार हो जाएगा, जो पूसी रेलवे के निर्माण संगठन के लिए एक बड़ी कामयाबी होगी।

भाजपा नीत केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को रेल के दायरे में लाने के लिए जोर-शोर से जुटी है। इसके तहत 111 किलोमीटर जीरीबाम-तुपुल इंफाल के बीच रेलवे लाइन पर काम तेजी से चल रहा है। यह परियोजना मणिपुर की राजधानी इंफाल को राज्य के पश्मित्तोर शहर जीरीबाम से जोड़ेगी। वर्तमान में मणिपुर की राजधानी इंफाल तक रेल की पहुंच नहीं है।

यूरोप का रिकार्ड तोड़ने जा रहा यह पुल इजाई नदी पर नोनी के पास बनाया जा रहा है और इसके ऊपर से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन गुजर सकती है। इस पुल की मदद से सामान की ढुलाई भी आसान होगी। इस पुल के ऊपर से 25 टन एक्सल वाली मालगाड़ी गुजर सकती है। पुल की लागत 400 करोड़ रुपए के करीब हो सकती है। वहीं पूरी परियोजना पर लगभग 13 हजार 800 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

इस रेल परियोजना के तहत लगभग साढ़े 10 किलोमीटर लंबी सुरंग भी बनाई जा रही है।
इसके लिए न्यू आॅस्ट्रियन टनलिंग पद्धति का प्रयोग किया जा रहा है। जिस इलाके में यह रेल लाइन बिछ रही है वह भूकंप प्रभावित है। इसलिए इस पुल को इससे बचाए रखने वाली तकनीक से बनाया जा रहा है। साथ ही इसकी बनावट में चट्टानों के खिसकने और भारी बारिश के खतरे का भी ध्यान रखा जा रहा है। पुल का निर्माण कार्य पूसी रेलवे के मुख्य अभियंता ए साईबाबा के नेतृत्व में हो रहा है।