पंजाब के अमृतसर में हिंदू नेता सुधीर सूरी की हत्या के बाद हिंदू संगठनों के शनिवार को पंजाब बंद के आह्वान का कई शहरों में मिला जुला असर देखने को मिल रहा है। अमृतसर में आज सुबह शिव सैनिक बाजार में दुकानें बंद करवा रहे हैं। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई है। हिंदू नेता सुधीर सूरी की हत्या के बाद अमृतसर में तनाव का माहौल है। 

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि सुधीर सूरी को चार गोलियां लगी थीं। उन्होंने दो गोलियां छाती के पास लगी हैं। जबकि एक गोली पेट के पास तथा एक गोली कंधे को लगकर निकल गई। सरकारी मेडिकल कॉलेज में तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने उनका पोस्टमार्टम किया गया। जालंधर में शिवसैनिकों ने अति व्यस्त संविधान चौक (बीएमसी चौक) पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वे सुधीर सूरी को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि रैनक बाजार में सभी दुकानें खुली हुई हैं। शहर में श्री गुरू नानक देव जी के प्रकाश पर्व को समर्पित शोभा यात्रा भी निकाली जा रही है। 

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पंजाब बंद के मद्देनजर यात्रा के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। शोभा यात्रा के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा आज अवकाश की घोषणा की हुई है जिसके चलते सभी सरकारी कार्यालय और शिक्षण संस्थान बंद हैं। पंजाब बंद का असर होशियारपुर और गुरदासपुर में भी देखने को मिल रहा है जहां सभी बाजार बंद हैं। हालांकि फाजिल्का में पंजाब बंद बेअसर रहा। शुक्रवार देर रात फाजिल्का की कुछ शिवसेना संगठनों ने पंजाब बंद का समर्थन करने का एलान किया था, जिसको लेकर व्यापार मंडल से भी बातचीत की गई। जिस पर व्यापार मंडल 12 बजे तक दुकानें बंद रखकर समर्थन करने के लिए राजी हुआ। लेकिन बाद में इस बंद को रद्द कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि शिव सेना नेता सुधीर सूरी पर शुक्रवार दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे उस समय गोलियां बरसाई गईं जब वे गोपालनगर में गोपाल मंदिर के सामने खंडित मूर्तियों और चित्रों के विरोध में धरना दे रहे थे। आरोपित संदीप सिंह उर्फ सन्नी वहां अपनी कार में पहुंचा और अपनी पिस्टल से सूरी पर एक के बाद एक कई गोलियां दाग दी। उस समय मौके पर सूरी के 12 अंगरक्षकों के अलावा करीब 20 पुलिस कर्मी मौजूद थे। सूरी पर हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने पुलिस को अलर्ट किया हुआ था।