पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से महाराजा रंजीत सिंह (शेर-ए-पंजाब) की तस्वीर हटाने को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई और पंजाब लोक कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसे लेकर आम आदमी पार्टी पर हमला किया। 

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पंजाब लोक कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया था कि मुख्यमंत्री कार्यालय से शेर-ए-पंजाब महाराजा रंजीत सिंह की तस्वीर हटाना अस्वीकार्य है। महाराजा रंजीत सिंह पंजाबियों के गर्व, बहादुरी और साहस के प्रतीक हैं। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। उन्होंने मान से अपील की कि तस्वीर वापस लगाई जाए। 

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इससे पूर्व भारतीय जनता पार्टी प्रदेश महासचिव सुभाष शर्मा ने ट्वीट किया था कि मान के मुख्यमंत्री कार्यालय में शहीद भगत सिंह और बाबा साहब का चित्र लगाना प्रशंसनीय है लेकिन शेरे पंजाब महाराजा रंजीत सिंह का चित्र हटाना ठीक नहीं। मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों ने हालांकि बताया कि महाराजा रंजीत सिंह की तस्वीर हटाई नहीं गई है, जैसा कि सोशल मीडिया में आ रहा है और कुछ विरोधी दल आरोप लगा रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह और संविधान निर्माता डॉ. बी आर अंबेडकर की तस्वीरें उन्होंने मुख्यमंत्री कक्ष में लगाई हैं। महाराजा रंजीत सिंह की तस्वीर, जहां मंत्रिमंडल की बैठक होती है, लगी होती थी और अब भी वहीं लगी हुई है। इससे पूर्व मान की एक फोटो, जिसकी पृष्ठभूमि में भगत सिंह और डॉ. अंबेडकर की तस्वीरें लगी हुई हैं, सोशल मीडिया में वायरल हुई जिसके बाद इस आशय के आरोप लगे।