कोरोना महामारी से बचाव के लिए नागरिकों को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध करवाने की बजाए पंजाब सरकार 400 रुपये में खरीदी वैक्सीन प्राइवेट अस्पतालों को थोक भाव में 1060 रुपये में बेच कर राज्य के कंगाल खजाने को भरने के प्रयत्न कर रही है। 

पंजाब भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अनिल सरीन ने शुक्रवार को कहा कि प्राइवेट अस्पताल उक्त कोरोना वैक्सीन 1560 रुपये में बेच कर दोनों हाथों से जनता को लूट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में कैप्टन सरकार ने करीब 80 हजार वैक्सीन की डोज प्राइवेट अस्पतालों को 1060 रुपये कीमत पर बेची है जबकि सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे लोगों को वैक्सीन न होने का हवाला देकर वापस लौटाया जा रहा है। 

सरीन ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्यों में कोरोना महामारी से नागरिकों को बचाने के लिए मुफ्त वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके विपरीत पंजाब सरकार आम नागरिकों को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध करवाने के लिए हाथ खड़े कर प्राइवेट अस्पतालों को 400 रुपये में खरीदी वैक्सीन की डोज 1060 रुपये में बेचकर कोरोना महामारी में भी पैसे कमा रही है। भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से कोरोना मरीजों को बचाने के लिए भेजे 809 वेंटिलेटरों का भी पंजाब सरकार ने सही ढंग से इस्तेमाल नहीं किया। इसका मुख्य कारण सरकार के पास न तो केद्र सरकार की तरफ से भेजे सैंकड़ों वेंटिलेटर चलाने वाला प्रशिक्षित स्टाफ है और न ही कोरोना से निपटने के लिए कोई योजना है। राज्य सरकार की लापरवाही के चलते समय पर वेंटिलेटर सुविधा और इलाज न मिलने के चलते सैंकड़ो मरीज समय से पूर्व ही मृत्यु के आगोश में चले गए। 

प्रवक्ता ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह कोरोना संकट में प्राइवेट अस्पतालों को वैक्सीन बेचकर पैसे कमाने की होड़ छोड़ कर राज्य के नागरिकों को सरकारी अस्पतालों और शिविरों के माध्यम से निशुल्क वैक्सीन उपलब्ध करवा कर जनमानस को कोरोना जैसे दानव से बचाने के प्रयत्न करे। अन्यथा राज्य की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।