पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) के मंत्रिमंडल के पहले विस्तार से नाखुश राज्य कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह पार्टी में बने रहेंगे। चन्नी द्वारा कैबिनेट सहयोगियों को विभागों के आवंटन की घोषणा के एक घंटे बाद ही उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर अपने इस्तीफे की घोषणा की।

पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को लिखे एक पत्र में उन्होंने लिखा, समझौता करने से एक आदमी के चरित्र का पतन होता है, मैं पंजाब के भविष्य और कल्याण के एजेंडे से कभी समझौता नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, इसलिए, मैं पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Punjab Pradesh Congress Committee) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देता हूं। कांग्रेस की सेवा करना जारी रखूंगा। जानकारी के मुताबिक सिद्धू अपनी पसंद के विधायकों को विस्तारित मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने और नए एडवोकेट जनरल के रूप में ए.पी.एस. देओल को नियुक्त किए जाने से नाराज थे। 

- नाराजगी के 6 बड़े कारण

1. मुख्यमंत्री बनने की इच्छा अधूरी रहना

2. मंत्रियों के नाम तय करने के लिए सिद्धू की गैर मौजूदगी में राहुल के साथ चन्नी की लंबी बैठक।

3. सिद्धू के पसंद के कुछ नेताओं को मंत्री नहीं बनाना

4. सुखविंदर सिंह रंधावा को गृह मंत्री बनाना

5. गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के बाद हुए कोटकपूरा गोलीकांड मामले में आरोपियों के वकील अमरप्रीत सिंह देयोल को एजी बनाना

6. इकबालप्रीत सिंह सहोता को डीजीपी बनाना, जबकि सिद्धू की पसंद एस चट्टोपाध्याय थे।