पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत आने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की सात तेल कंपनियों ने असम में बाढ़ की त्रासदी से जूझा रहे लोगों को राहत एवं बचाव कार्य के लिये 15 करोड़ रुपये की सहायता दी है। कंपनियों ने यह राशि असम के मुख्यमंत्री राहत कोष में दी है। 

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के नेतृत्व में सार्वजिनक क्षेत्र के इन उपक्रमों ओएनजीसी, आईओसी, बीपीसीएल, एचपीसीएल, गेल, ऑयल इंडिया लिमिटेड और नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड एनआरएल ने यह पहल की है। ओएनजीसी के निदेशक मानव संसाधन डी डी मिश्रा के नेतृत्व में इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने गुवाहटी में मुख्यमंत्री कार्यालय में कल मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को 15 करोड़ रुपये का चेक भेंट किया।

सोनोवाल ने असम के बाढ़ पीड़ित लोगों की मदद के लिए आगे आने पर तेल कंपनियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को असम तथा पूर्वोार क्षेत्र के विकास के लिए आपस में मिलकर एकजुट होकर काम करना चाहिए।

ओएनजीसी की यहां जारी विग्यप्ति में कहा गया है कि एक जिम्मेदार कार्पोरेट नागिरक के तौर पर संकट की इस घडी में राज्य सरकार की राहत कार्य में लगी मशीनरी को यह छोटी से मदद पहुंचाई गई है। राज्य में हाल में बड़े पैमाने पर आई बाढ से जन- धन का भारी नुकसान हुआ है। लाखों लोगों को अपना घर द्वार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।