त्रिपुरा कांग्रेस के अध्यक्ष एवं शाही परिवार के सदस्य प्रद्योत किशोर देववर्मन ने बकाया बिजली के बिल को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों में शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए शनिवार रात मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव से मुलाकात की। हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि त्रिपुरा सरकार ने शाही परिवार को महल के 22 लाख रुपये के बकाया बिजली बिल के भुगतान के लिए नोटिस दिया है।


राज्य सरकार ने बताया कि त्रिपुरा राज्य विद्युत निगम लिमिटेड ने ग्राहकों से लंबित बिजली बिलों की वसूली के लिए उठाया गया एक सामान्य प्रशासनिक कदम है। विपक्षी दल कांग्रेस इसे दबाव बनाने और चुनावों के दौरान शाही परिवार को बदनाम करने के लिए जानबूझकर उठाया गया कदम मान रही है।


हाल ही में विद्युत निगम ने शाही परिवार को नोटिस भेजा और यह पिछले तीन दिनों से सोशल मीडिया में चल रहा है। श्री प्रद्योत ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि इस पूरी कहानी में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह नहीं बताया गया है कि उनके पिता महाराजा किरीट विक्रम देववर्मन ने कंचनपुर में वल्लभ भाई पटेल अस्पताल के भूमि दान में दी थी।


इसके बाद त्रिपुरा सरकार ने उज्यंत पैलेस के लिए प्रतिवर्ष 26500 यूनिट बिजली की छूट दी हुयी है। श्री प्रद्योत ने कहा कि समझौते के अनुसार शाही परिवार अपनी अन्य शाही सम्पतियों के बिजली के बिलों का भुगतान करता रहा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री इस तरह की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों में लिप्त पार्टी के लोगों की हरकतों पर तुरंत रोक लगाये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें मामले को गंभीरता से देखने का आश्वासन दिया है।


उन्होंने कहा, 'मैंने अपने परिवार पर हो रहे निजी हमलों के लिए उनसे मुलाकात करके शिकायत की है और सोशल मीडिया पर इसको लेकर चल रहे झूठे प्रचार और सत्तारूढ़ समर्थकों सहित उनके नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई के लिए एक पत्र भी उन्हें दिया।'


उन्होंने कहा, 'राजनीति केवल राजनीतिक मामलों पर करनी चाहिए। मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि ऐसे झूठे निजी हमला करने वालों के विरुद्ध कदम उठाये जाने चाहिए।'