भारत-बंगलादेश सीमा के नजदीक एक सीमावर्ती शहर में भीड़ द्वारा सोमवार को स्थानीय थाने पर पथराव, सरकारी और निजी सम्पत्तियों में तोडफ़ोड़ करने के बाद मेघालय के महेंद्रगंज में निशेधाज्ञा लागू कर दी गयी है। पुलिस द्वारा अहिदुल इस्लाम नाम के मानसिक रूप से कमजोर एक व्यक्ति को गोली मारने की अफवाह फैलने के बाद भीड़ ने थाने में खड़ी गाडिय़ों में तोडफ़ोड़ की, जो रविवार को पुलिस का इंसास राइफल लेकर भागा था।


पुलिस ने बताया कि इस्लाम द्वारा खुद को बचाने के लिए आम लोगों पर हमला करने की कोशिश करने की सूचना मिलने के बाद पुलिस शीध्र ही नदीचर क्षेत्र में पहुंची। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'इस्लाम को पकडऩे की प्रक्रिया में एक सिपाही ने अपनी इंसास राइफल को गिरा दिया और उसे बचाने की कोशिश करते समय वह नदी में गिर गया। इसके बाद इस्लाम राइफल लेकर भाग गया।'


उन्होंने बताया कि इसके बाद उप निरीक्षक ई. आर. मरक ने इस्लाम रोकने के लिए हवा में फायरिंग की लेकिन वह भाग गया। दक्षिण-पश्चिम गारो पर्वतीय जिला के उपायुक्त राम कुमार ने बताया कि किसी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और शांति बनाये रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गयी है और अब स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि अभी तक इस्लाम के ठिकाने का पता नहीं चल पाया है लेकिन उसके ठिकाने और राइफल का पता लगाने के लिए तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिये जाएंगे।