देश की 41 आयुध निर्माणियों का निगमीकरण कर बनायी गयी सात रक्षा कंपनियों ने पहले छह महीने में ठीक-ठाक मुनाफा कमाया है और इनका टर्नओवर 8400 करोड़ रूपये तक पहुंच गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इन कंपनियों ने पिछले छह महीने में 3000 करोड़ रूपये के घरेलू अनुबंध किये हैं तथा इन्हें 600 करोड़ रूपये से अधिक के निर्यात आर्डर मिले हैं। 

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म्यूनिशन इंडिया लिमिटेड कंपनी को अब तक का सबसे बड़ा 500 करोड़ रूपये का निर्यात आर्डर मिला है। इन कंपनियों को पिछले वर्ष विजयादशमी के दिन 15 अक्टूबर को राष्ट्र को समर्पित किया गया था। सात में से छह कंपनियों ने पहले छह महीने में मुनाफा कमाया है जबकि एक कंपनी ने अपना घाटा कम किया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी वक्तव्य के अनुसार पहले ये सभी कंपनी घाटे में चल रही थी लेकिन अब म्यूनिशन इंडिया लिमिटेड को गत 31 मार्च तक 28 प्रतिशत, आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड को 33.09, एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्वीपमेंट इंडिया लिमिटेड को 4.84, ट्रुप कंफट्स लिमिटेड को 26 , इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड को 60.44 और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड को 13.26 प्रतिशत मुनाफा हुआ है जबकि सातवीं कंपनी यंत्र इंडिया लिमिटेड का घाटा 348.17 से घटकर 111.49 प्रतिशत पहुंच गया है।

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 इन कंपनियों का गठन किये जाने के बाद से सरकार ने इनकी मदद के लिए अनेक नये कदम उठाये जिनसे इनको शुरूआती फायदा हुआ है। सरकार पहले दिन से ही इन नयी कंपनियों के प्रदर्शन की निगरानी कर रही है और जरूरत पडऩे पर उचित तरीके से हस्तक्षेप किया जा रहा है जिससे कि इनके गठन के उद्देश्य को पूरा किया जा सके। सरकार ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा सुधार करते हुए गत 16 जून को आयुध निर्माणियों का निगमीकरण कर इनकी जगह रक्षा क्षेत्र की सात कंपनी बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था।