उत्तर प्रदेश कांग्रेस रविवार को 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए औपचारिक रूप से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करेगी। पहले दिन पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) वाराणसी में एक रैली को संबोधित करेंगी। रैली, जिसका नाम पहले ‘प्रतिज्ञा रैली’ रखा गया था, उसे अब बदलकर ‘किसान न्याय रैली’ (kisan nyay rally) नाम दिया गया है और यह मुख्य रूप से किसानों के साथ लखीमपुर (Lakhimpur Kheri violence) की घटना पर ध्यान केंद्रित करेगी। रैली रविवार दोपहर को जगतपुर इंटर कॉलेज मैदान में होगी और पार्टी के नेता इस कार्यक्रम में ‘विशाल’ उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ओवरटाइम कर रहे हैं।

रैली को संबोधित करने से पहले प्रियंका वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) और दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा, लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri violence)  में केंद्रीय मंत्री के बेटे द्वारा मारे गए किसानों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए, पार्टी रैली में एक आंदोलन शुरू करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि यह आंदोलन सभी राज्यों, गांव, इलाके, बाजार और विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे।उन्होंने दावा किया कि मारे गए किसानों के परिवारों को न्याय सुनिश्चित होने तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा की शनिवार को गिरफ्तारी नाकाफी है। इस घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए टेनी को भी इस्तीफा देना चाहिए।

लखीमपुर खीरी कांड  (Lakhimpur Kheri violence) पर भाजपा नीत राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए लल्लू ने आरोप लगाया कि यह आश्चर्य की बात है कि एक सरकार जो बुलडोजर से विध्वंस सुनिश्चित करती है और छोटी घटनाओं में अपराधियों के पोस्टर प्रदर्शित करती है, वह किसानों की हत्या के बारे में चुप है। यूपीसीसी प्रमुख ने कहा, सरकार को कहना चाहिए कि वह लखीमपुर खीरी के आरोपी व्यक्तियों के पोस्टर कब जारी करेगी।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार आरोपी और मंत्री के बेटे को बचाने की पूरी कोशिश कर रही है। इस बीच, एआईसीसी के निर्देशों के अनुसार, कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता लखीमपुर की घटना के विरोध में सोमवार को राजभवन के बाहर तीन घंटे का मौन व्रत रखेंगे।