नागरिकता संशोधन बिल के लेकर पीपुल्स रिप्रजेंटेशन फाॅर आइडेंटिटी एंड स्टेटस आॅफ मिजोरम (पीआरआईएसएम) के जनप्रतिनिधि ने सर्वदलीय बैठक बुलार्इ। जिसमें मुख्यमंत्री के लिए एक पत्र लिखा गया।

पत्र में पीआरआईएसएम के महासचिव ललरिंजुआला चांगथु ने लिखा कि मिजोरम की जनता आैर राजनीतिक दल पूर्ण रूप से नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे हैं। पत्र में लिखा गया कि सभी राजनीतिक दल आैर सामाजिक संगठनों ने विधेयक के पारित होने को लेकर अपना विरोध व्यक्त किया है। 


पीआरआईएसएम ने पत्र में कहा कि हमें लगता है कि बिल का लेकर सामूहिक विरोध को तेज करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक की जरूरत है। 10 जनवरी को मिजोरम कैबिनेट ने नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होने को लेकर निराशा व्यक्त की थी। मंत्रिमंडल ने यह संकल्प लिया था कि विधेयक को राज्यसभा में अस्वीकार करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।


बता दें कि हालही में जोरामथांगा ने कहा था कि यह विधेयक मिजोरम के लिए खतरनाक और हानिकारक है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि नर्इ दिल्ली से आने के बाद एक बैठक बुलाएगी। जिसमें यह फैसला किया जाएगा कि वह आगे भाजपा की अगुवार्इ वाली नेडा का हिस्सा रहेगी या नहीं। गौरतलब है कि एमएनएफ केंद्र में भाजपा की अगुवार्इ वाली एनडीए सरकार की सहयोगी है।