त्रिपुरा में पत्रकारों पर हुए हमले के संबंध में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने स्वतः संज्ञान लेेते हुए त्रिपुरा सरकार से जल्द से जल्द रिपोर्ट की मांग की हैं। परिषद ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से दैनिक संबाद के पत्रकार आशीष चक्रवर्ती और स्वतंत्र पत्रकार सादिक मिया पर हुए कथित हमले के संबंध में रिपोर्ट की मांग की है।

बता दे कि दोनों पत्रकारों पर नशीले पदार्थों की तस्करी की रिपोर्टिंग के लिए हमला किया गया था। खोवई में आशीष के साथ मारपीट की गई और उसे डराया धमकाया गया, जबकि सोनमुरा में सीमावर्ती स्थान से अपहरण करने के बाद सादिक मिया पर हमला किया गया था।

काउंसिल ने इस तरह की घटना पर अपनी चिंता व्यक्त की है जिसमें कहा गया कि ऐसी घटना प्रेस की स्वतंत्रता को कमजोर करती है। इस घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

गौर हो कि त्रिपुरा के खोवाई और सोनमुरा इलाकों में पिछले हफ्ते 24 घंटों के दौरान तीन पत्रकारों पर जानलेवा हमले की कोशिश की गई थी। खोवाई के पुलिस अधीक्षक कृष्णेंदु चक्रवर्ती ने बताया था कि शहर में नशीले पदार्थ की तस्करी करने वाले के एक गुट ने स्थानीय पत्रकार आशीष चक्रबर्ती के घर में घुसने का प्रयास किया था लेकिन वे सफल नहीं हो सके। वही दूसरा मामला सेपाहीजाला जिले के मेलाघर में 26 जनवरी की शाम वरिष्ठ पत्रकार बिप्लव चक्रबोर्ती अपने निजी वाहन से सोनामुरा की तरफ जा रहे थे तभी संकरी सड़क पर सुरक्षा बल के वाहन से आगे निकलने की जगह मांगने पर वाहन के अंदर बैठे अज्ञात बदमाशों ने निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर उनकी पिटाई कर दी और मौके से फरार हो गये। वही तीसरी घटना स्थानीय इलाके की है जहां एक अन्य पत्रकार सादिक मिया सुरक्षा वाहन का पीछा किया जिसमें गांजे की बड़ी खेप को सुरक्षा वाहन में लादा जा रहा था। लेकिन गांजा लाद रहे बदमाशों ने अचानक उन्हें देख लिया और जंगल में ले जाकर उनकी पिटाई करने के बाद उन्हें गोली मारने की कोशिश भी की।