नई दिल्ली। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने मंगलवार को कहा कि कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है इसलिए कोविड मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। कोविंद ने आज यहां बाहरी दिल्ली में भगवान महावीर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की आधारशिला रखने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने सभी नागरिकों से सतर्क रहने और सरकार के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।

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राष्ट्रपति ने कहा कि हम जानते हैं कि आधुनिक इतिहास में सर्जिकल मास्क की शुरुआत वर्ष 1897 से हुई जब सर्जनों ने ऑपरेशन के दौरान बैक्टीरिया से खुद को बचाने के लिए मास्क का उपयोग करना शुरू किया। लेकिन जैन संतों ने सदियों पहले मास्क के महत्व को समझा। उन्होंने अपने मुंह और नाक को ढककर, वे शरीर में सूक्ष्म जीवों के प्रवेश को रोकते में थे। उन्होंने कहा कि जैन संतों ने शारीरिक व्यायाम के महत्व को रेखांकित करने के लिए पैदल चलने पर बहुत जोर दिया है। 

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राष्ट्रपति ने कहा कि जैन परंपरा हमें संतुलित और पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली अपनाना सिखाती है। वर्तमान समय में रहन-सहन और खान-पान प्रकृति के अनुकूल नहीं है। हम जानते हैं कि जैन संत और उनके अनुशासित अनुयायी अपना भोजन सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच ही करते हैं। सूर्य की दैनिक गति के अनुसार जीवन शैली अपनाना स्वस्थ रहने का एक आसान तरीका है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों के साथ ऐसी वैज्ञानिक परंपराओं का एकीकरण स्वस्थ जीवन के लिए सहायक होगा। वर्ष 2023 तक 250 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक भगवान महावीर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।