नई दिल्ली। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में वर्ष 2022 के लिए आयोजित पद्म अलंकरण समारोह के पहले चरण में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगादान करने वाले 64 लोगों को पद्म पुरस्कारों से अलंकृत किया। इस वर्ष कुल 128 व्यक्तियों को इन पुरस्कारों के लिए चुना गया है। अलंकरण समारोह का दूसरा चरण 28 मार्च को आयोजित किया जाएगा। 

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कोविंद के हाथों पद्म अलंकरण पाने वालों में पूर्व रक्षा प्रमुख (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत (मरणोपरांत) और गीता प्रेस के दिवंगत अध्यक्ष राधे श्याम खेमका, कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद, टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन, भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी एवं कैग राजीव महर्षि, कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाली पुणे की कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साइरस पूनावाला शामिल हैं। 

समारोह में दो हस्तियों को पद्म विभूषण, आठ को पद्म भूषण और 54 को पद्म श्री से अलंकृत किया गया है। सीडीएस रावत और खेमका को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। जनरल रावत का प्रशस्ति पत्र व आलंकरण उनकी बेटी कृतिका और तारिणी तथा खेमका का पुरस्कार उनके पुत्र कृष्ण कुमार ने राष्ट्रपति के हाथों प्राप्त किया। 

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आजाद, महर्षि, पुनावाला, चंद्रशेखरन, पंजाबी लोक गायक गुरमीत बावा (मरणोपरांत), देवेन्द्र झाझरिया, राशिद खान और सच्चिदानन्द स्वामी को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इस वर्ष दिए जाने वाले 128 पद्म पुरस्कारों में चार पद्म विभूषण, 17 पद्म भूषण और 107 पद्मश्री पुरस्कार शामिल हैं। जिनमें 34 महिलायें तथा 10 विदेशी चुने गए हैं। इनके अलावा 13 लोगों को मरणोपरान्त पुरस्कार दिये जायेंगे।