मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा है कि वर्ष 2019 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हटाने के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दल एक महागठबंधन तैयार कर रहे हैं।

येचुरी ने आज यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में यह बात कही। महागठबंधन के प्रधानमंत्री के चेहरे से जुड़े प्रश्न का उत्तर देते हुये उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार हमारी नजर में इस महागठबंधन के प्रधानमंत्री पद के दावेदार हो सकते थे लेकिन उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया है। ऐसी स्थिति में इस सवाल पर निर्णय लिया जाना शेष है। येचुरी ने पश्चिम बंगाल में माकपा के घटते जनाधार से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुये आरोप लगाया कि भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही दल तात्कालिक फायदे के लिए समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। इसके भविष्य में गंभीर परिणाम होंगे।माकपा महासचिव ने भाजपा के भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के दावे के संबंध में कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस काम के लिए पहले एक हजार रुपये लगा करते थे, अब उन कामों के लिए दो हजार रुपये लग रहे हैं। भ्रष्टाचार दोगुना हो गया है।माकपा ने की मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने देश में पीट पीट कर हत्या करने वाली घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों को बढावा देने के लिए मोदी सरकार के दो मंत्रियों जयंत सिन्हा तथा गिरिराज ङ्क्षसह को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है। भाकपा ने सोमवार को एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से देश में पीट पीट कर हत्या की घटनाएं दिनों दिन बढ रही है। महाराष्ट्र, त्रिपुरा, झारखंड और असम में हुई इस तरह की घटनाओं से अल्पसंख्यक समुदाय और संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों में भय का माहौल है। पार्टी ने कहा है कि केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने झारखंड में एक व्यक्ति की पीट पीट कर हत्या के दोषी को उनसे मिलने के दौरान हाल ही में माला पहनायी थी। यह व्यक्ति अभी जमानत पर है। एक अन्य मंत्री गिरिराज सिंह ने भी जेल में जाकर दंगे के आरोपियों से मुलाकात की है। मंत्री ने बिहार की नीतीश कुमार सरकार पर हिन्दुओं की आवाज दबाने का भी आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि वह इन दोनों केन्द्रीय मंत्रियों की इन हरकतों की कडी ङ्क्षनदा करती है और राष्ट्रपति से इन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग करती है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि भाजपा के शासन वाले राज्यों में गौ रक्षकों के खिलाफ मामले गंभीरता से नहीं चलाये जाते और इनमें खामी छोड़ दी जाती है जिससे आरोपियों को जमानत मिल जाती है।